मिशन 2022: विधानसभा चुनाव में चार मोर्चों को पार करने की कोशिश में जुटी समाजवादी पार्टी

Smart News Team, Last updated: Mon, 2nd Aug 2021, 8:14 AM IST
  • विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ-साथ यूपी में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. उपचुनावों में कुछ सीटों पर भाजपा को शिकस्त देने और पंचायत चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने से पार्टी के हौसले बुंलद नजर आ रहे है. अखिलेश यादव रथयात्रा और साइकिल अभियान के जरिए अपनी खोई हुई पहचान हासिल करने की कोशिश कर सकती है.
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव.( फाइल फोटो )

लखनऊ. यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते-आते राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म होना शुरू हो गया है. राजनीतिक पार्टियां चुनावों के देखते हुए अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गई है. आगामी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी भी हर मौर्च पर राजनीतिक तैयारियों को और दुरुस्त करने में जुट गई है. पिछले विधानसभा और उसके बाद लोकसभा में वोट प्रतिशत गिरने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव संभल-संभल के कदम चल रहे है. उपचुनावों में भाजपा को शिकस्त देना और पंचायत चुनाव में बेहतर करने से सपा के हौसले बुलंद हो सकते है.

आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी कुछ मोर्चें का हल खोजने की कोशिश कर सकती है. पार्टी एक ओर पिछले विधानसभा चुनाव में वोटों का ध्रुवीकरण का खतरा, पिछड़ी जातियों के गैर यादव वोटर को दूसरे दलों में जाने से रोकना और एआईएमआईएम मुखिया औवेसी के यूपी में आगमन के बाद मुस्लिम वोटरों के छिटकने का खतरे को नजरअंदाज नहीं कर सकती. पार्टी इन मसलों का जरुर खोजने की कोशिश कर सकती है. 

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समाजवादी पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव में रालोद के साथ मिलकर पश्चिमी यूपी में अपनी खोई जमीन को पाने की कोशिश कर सकती है. खबरों के मुताबिक अखिलेश यादव अपनी रथयात्रा व साइकिल अभियान को संसद सत्र के बाद और भी तेज कर सकते है. पार्टी भाजपा और बसपा से असंतुष्टों को मौका देने की कोशिश कर सकती है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम के मुताबिक, समाजवादी पार्टी की स्थिति का आंकलन ताजा पंचायत चुनावों के नतीजों में किया जाना चाहिए, जिसमें राज्य की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को नकार दिया है.

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