चंद्रशेखर को छोटा भाई मानते हैं, किसी के कहने पर पीछे हट गए तो सपा का क्या दोष: अखिलेश

Swati Gautam, Last updated: Mon, 17th Jan 2022, 3:35 PM IST
  • समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि चंद्रशेखर को हम छोटा भाई मानते हैं. वह सहयोग के लिए आगे आए जैसे लोहिया और अंबेडकर साथ आए थे. अखिलेश ने आगे कहा कि यूपी के चुनाव के लिए बड़ी साजिश हो रही है. चंद्रशेखर के मामले में सपा का क्या दोष है वह किसी के कहने पर पीछे हट गए.
आजाद समाज पार्टी के चीफ चंद्रशेखर और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से पहले सभी दलों में गठबंधन को लेकर सियासत अपने चरम पर है. ऐसे में पहले समाजवादी पार्टी और आजाद समाज पार्टी के गठबंधन की भी खबरें सामने आई थीं जिसमें विराम लगाते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि आजाद समाज पार्टी के चीफ चंद्रशेखर पहले दो सीटों पर गठबंधन के लिए मान गए थे. बाद में फोन आया और वे पीछे हट गए. जिसके बाद सोमवार को अखिलेश यादव ने प्रेस कान्फ्रेस के दौरान कहा है कि चंद्रशेखर को हम छोटा भाई मानते हैं. वह सहयोग के लिये आगे आए. जैसे लोहिया व अंबेडकर साथ आए थे. अगर वह भाई की तरह हमारी मदद करना चाहते हैं, तो उन्हें भारतीय जनता पार्टी को हटाने में मदद करनी चाहिए.

अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यूपी के चुनाव के लिये बड़ी साजिश हो रही है. चंद्रशेखर के मामले में सपा का क्या दोष है अगर वह किसी के कहने पर पीछे हट गए. इससे पहले भी अखिलेश यादव ने आरोप लगाते हुए कहा था कि जैसे ही चंद्रशेखर आजाद रावण से गठबंधन का न्योता आया, उन्होंने आरएलडी से बात कर आजाद समाज पार्टी के लिए दो सीटें छोड़ दीं. इसके बाद चंद्रशेखर की किसी से फोन पर बात हुई. फिर वो आए और कहा कि उनका संगठन इसके खिलाफ है और वे चुनाव नहीं लड़ेंगे. अखिलेश ने कहा कि वो फोन किसका था, किसकी साजिश थी, नहीं पता.

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चंद्रशेखर ने शनिवार को एक प्रेसवार्ता करके आरोप लगाया था कि अखिलेश यादव ने दलितों को सम्मान नहीं दिया और आज़ाद समाज पार्टी का गठबंधन नहीं हुआ. तो वहीं समाजवादी पार्टी का भी कहना है कि अभी चंद्रशेखर से गठबंधन के रास्ते बंद नहीं हुए हैं. इतना ही नहीं चंद्रशेखर आजाद ने एक मीडिया संस्थान से बातचीत करते हुए कहा कि अखिलेश को मैंने बड़ा भाई मान लिया है, यदि वो मुझे छोटा भाई नहीं मानेंगे तो मैं अपना निर्णय लूंगा. अभी मैं उनके संदेश का इंतेज़ार कर रहा हूं. जिसके तुरंत बाद अखिलेश यादव ने भी प्रेस कान्फ्रेस के दौरान कह डाला कि चंद्रशेखर को हम छोटा भाई मानते हैं. अब देखना यह होगा कि दोनों दलों के बीच बिगड़ी बात दोबारा बनती है या नहीं.

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