AKTU: एकेटीयू खुद प्रकाशित करेगा अपनी किताबें, विवि परिसर में लगेगा वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट

Haimendra Singh, Last updated: Sat, 29th Jan 2022, 10:23 AM IST
  • एकेटीयू में हिन्दी इंजीनियरिंग की पाठ्य पुस्तक का कार्य शुरू हो गया है. इससे सम्बन्धित सभी पुस्तकों के प्रकाशन विश्वविद्यालय में किया जाएगा. इसके लिए कैंपस में प्रेस की स्थापना की तैयारी की जा रही है. इसके अलावा परिसर में वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा.
एकेटीयू में कैंपस में ही छपेगी विश्वविद्यालय की किताबें.( फोटो- AKTU Website )

लखनऊ. डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय(AKTU) जल्द ही अपनी कोर्स की पुस्तकें खुद ही प्रकाशित करेगा. इसके लिए विवि परिसर प्रिंटिग प्रेस लगाए जाने की तैयारियां हो रही है. इसके अलावा परिसर में वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी कार्य किया जाएगा. शुक्रवार को कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने नैक आवेदन के संदर्भ में हुई समीक्षा बैठक में ये सारी बातें सामने रखीं. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में ज्यादातर मामलों में स्थिति अच्छी स्थिति है, जिन मामलों में कार्य करने की आवश्यकता हैं, उनमें शुधार करके बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा. साथ ही शिक्षकों को शोध, शिक्षण और नवाचार के लिए सीड मनी देने के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा.

विवि के कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने बैठक में बताया, कि ये सभी बातों को समीक्षा बैठक में रखा गया है. विवि के डायरेक्टर, आईक्यूएसी प्रो. मनीष गौड़ ने नैक के आवेदन की तैयारियों पर एक प्रस्तुतिकरण भी दिया जाएगा. उन्होंने कहा,कि शिक्षकों को पीएचडी एवं पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा. हिन्दी में इंजीनियरिंग की पाठ्य पुस्तक लेखन के लिए काम शुरू होंगे. साथ ही कोर्स से सम्बन्धित पुस्तकों के प्रकाशन के लिए विवि में प्रेस की स्थापना की तैयारी की जा रही है. कुलपति ने यह भी कहा कि रूरल व एग्रो इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए समस्त संस्थानों को गांव गोद लेने की अनिवार्यता की जाएगी. साथ ही विवि परिसर में वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भी कार्य किया जाएगा.

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कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने शुक्रवार को प्रदेश शासन व एकेटीयू की दीनदयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने योजना के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय संस्थानों के निदेशकों व प्रदेश के दो अन्य प्राविधिक विश्वविद्यालयों के नोडल अधिकारियों को समय से काम पूरे करने के निर्देश दिए है. उन्होंने कहा कि जुलाई 2022 में योजना की अवधि पूरी हो रही है, इससे पहले योजना के अंतर्गत चल रहे सभी काम पूरे कर लिया जाना चाहिए.

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