इलाहाबाद HC ने दिए डॉ कफील खान को रिहा करने के आदेश, योगी सरकार ने लगाया था NSA

Smart News Team, Last updated: 02/09/2020 07:37 AM IST
  • इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डॉ कफील खान को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए हैं. उन्हें मथुरा जेल से रिहा कर दिया गया है. डॉ कफील खान के जेल से रिहा होने से पहले यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उनपर एनएसए लगाया था.
इलाहाबाद HC ने दिए डॉ कफील खान को रिहा करने के आदेश, योगी सरकार ने लगाया था NSA

लखनऊ. डॉ कफील खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तुरंत रिहा करने के आदेश दिए हैं. उनपर लगे एनएसए और उसकी अवधि बढ़ाने को अवैधानिक करार दिया है. इससे पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने फरवरी में उनपर एनएसए लगाया था. फरवरी में डॉ कफील को जमानत पर मथुरा जेल से रिहा किया जाना था जिससे ठीक पहले यूपी सरकार ने उनके खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की और इससे उनकी रिहाई रुक गई थी. 

डॉ कफील पर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में भड़काऊ भाषण देने का आरोप था. उन्होंने 12 दिसंबर 2019 को एएमयू में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था. उसी समय उनके खिलाफ थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज हुआ था जिसके बाद उन्हें यूपी पुलिस की एसटीएफ ने 29 जनवरी 2020 को मुबंई एयरपोर्ट से गिरफ्तार करके अलीगढ़ लाया गया था. उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में मथुरा जेल भेजा गया था.

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मथुरा जेल से उन्हें जमानत पर छोड़े जाने से ठीक पहले योगी सरकार ने उनपर एनएसए लगाकर रिहाई रोक दी थी. हालांकि अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर कफील का भाषण हिंसा या नफरत बढ़ाने वाला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अखंडता और नागरिकों के बीच एकता बढ़ाने वाला था. वहीं एनएसए के तहत कार्रवाई को अवैधानिक करार दिया.

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बता दें कि एनएसए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 के तहत देश की सुरक्षा के लिए सरकार को किसी व्यक्ति को हिरासत में रखने की शक्ति होती है. यह अधिकार केंद्र और राज्य सरकार दोनों को समान रूप से मिले हैं. रासुका लगाकर किसी भी व्यक्ति को एक साल तक जेल में रखा जा सकता है, हालांकि तीन महीने से ज्यादा समय तक जेल में रखने के लिए एडवाइजरी बोर्ड की मंजूरी लेनी पड़ती है.

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