इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला- 60 दिन की पैरोल या जमानत पर कैदियों को करें रिहा

Smart News Team, Last updated: 04/05/2021 10:29 AM IST
  • कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट  ने फैसला दिया है कि जो अपराधी गंभीर अपराधों में लिप्त नहीं हैं या उनपर अभी कार्रवाई चल रही है उन्हें 60 दिन की पैरोल या अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए.
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 60 दिन की पैरोल या जमानत पर कैदियों को रिहा करें.

लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए फैसला लिया है कि उत्तर प्रदेश के सभी जेलों से उन अपराधियों को जमानत या पैरोल पर 60 दिनों के लिए रिहा कर दिया जाए जो किसी गंभीर अपराध के कारण जेल में बंद नहीं हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश संजय यादव की अध्यक्षता में बनाई गई हाई पावर कमेटी ने बड़े पैमाने पर सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों की रिहाई करने के लिए कहा है. न्यायिक अधिकारियों को जेलों में जाकर कैदियों को 60 दिन की पैरोल या अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा. 

महानिदेशक कारागार से उन कैदियों की डिटेल मांगी गई है जो सजा पूरी करने के बाद अर्थदंड नहीं भर पाने के कारण जेल में बंद हैं. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए जुर्माने का भुगतान करके उन्हें रिहा किया जाएगा. 

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हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सभी 65 साल से अधिक के पुरुष, 50 साल से अधिक की महिलाएं, गर्भवती महिलाएं और उन सभी कैदियों को पैरोल या जमानत पर रिहा किया जाएगा जो कैंसर या किसी अन्य बड़ी बीमारी के शिकार हैं. हाईकोर्ट ने 30 मई तक कैदियों की की कोर्ट में पेशी पर रोक लगाई हुई है. वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कैदियों की पेशी होगी. वहीं जो कैदी पहले से पैरोल पर हैं उनकी पैरोल को अगले 60 दिनों तक बढ़ाया जाएगा.  

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