यूपी में मदरसों की फंडिंग को लेकर इलाहाबाद HC ने योगी सरकार से मांगी जानकारी, महिलाओं की एंट्री पर भी सवाल

Smart News Team, Last updated: Thu, 2nd Sep 2021, 3:43 PM IST
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रबंध समिति मदरसा अंजुमन इस्लामिया फैजुल उलूम की याचिका पर सुनवाई करते हुए योगी सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं. सभी सवालों पर चार हफ्ते में जवाब मांगे है. इस याचिका पर आगे की सुनवाई 6 अक्तूबर को होगी. हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या पंथनिरपेक्ष राज्य धार्मिक शिक्षा देने वाले शिक्षण संस्थानों जैसे मदरसा को फंड दे सकता है. क्या लड़कियों को प्रवेश दिया जाता है.
यूपी में मदरसों की फंडिंग को लेकर इलाहाबाद HC ने योगी सरकार से मांगी जानकारी, महिलाओं की एंट्री पर भी सवाल (फाइल फोटो)

लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रबंध समिति मदरसा अंजुमन इस्लामिया फैजुल उलूम की याचिका पर सुनवाई करते हुए योगी सरकार से कई अहम सवाल पूछे हैं. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या पंथनिरपेक्ष राज्य धार्मिक शिक्षा देने वाले शिक्षण संस्थानों जैसे मदरसा को फंड दे सकता है. क्या धार्मिक शिक्षा देने वाले शैक्षणिक संस्थान जैसे की मदरसा संविधान के अनुच्छेद 25 से 30 में मौलिक अधिकारों के तहत सभी धर्मों के विश्वास को संरक्षण देने के किए गए प्रावधान का पालन कर रहे है. इतना ही नहीं महिलाओं के प्रवेश पर भी सवाल उठाये गए हैं और इसका जवाब मांगा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सभी सवालों का जबाव देने के लिए राज्य सरकार को चार सप्ताह का समय दिया है. जिसके बाद इस याचिका पर आगे की सुनवाई 6 अक्तूबर को होगी.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजय भनोट ने प्रबंध समिति मदरसा अंजुमन इस्लामिया फैजुल उलूम द्वारा  मदरसा प्रबंध समिति की तरफ से पदों के सृजन के लिए सरकार द्वारा आवेदन खारिज करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम जानना चाहते है कि सरकार क्या अन्य अल्पसंख्यकों धार्मिक द्वारा चलाए जा रहे धार्मिक शिक्षा संस्थानों को फंड दे रही है. क्या मदरसों में महिलाओं और छात्राओं को जाने की इजाजत है, यदि नहीं है तो क्या महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं  किया जा रहा है. संविधान के अनुच्छेद 21 व 21 ए के तहत शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूलों में खेल मैदान रखने की अनिवार्यता का पालन किया जा रहा है या नहीं और 

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न्यायमूर्ति अजय भनोट ने राज्य सरकार से पूछा है कि संचालित मदरसों में पाठ्यक्रम, मान्यता का मानक, खेल मैदान की अनिवार्यता का पालन किया जा रहा है या नहीं. कोर्ट ने कहा की हम यह जानना चाहते है की क्या मदरसा की तरह अन्य धर्मों के लोगों के लिए भी धार्मिक शिक्षा देने वाला कोई बोर्ड है. क्या संविधान के अनुच्छेद 28 में बताये गए धार्मिक शिक्षा संदेश व पूजा पद्धति की शिक्षा मदरसा जैसे किसी धर्म के शैक्षणिक संस्थान दे सकता है. इस याचिका पर आगे की सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी. 

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