इलाहाबाद हाईकोर्ट: बिना धर्म बदले भी शादी करके साथ रह सकते हैं दो लोग

Smart News Team, Last updated: 02/11/2020 08:20 AM IST
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विपरीत धर्म के लोगों की शादी के संबंध में अहम फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने कहा कि केवल शादी के लिए धर्म परिवर्तन गलत है विशेष विवाह अधिनियम के तहत बिना धर्म बदले भी दो विपरीत धर्म के लोग शादी करके साथ रह सकते हैं.
इलाहाबाद हाईकोर्ट: बिना धर्म बदले भी शादी करके साथ रह सकते हैं दो लोग

लखनऊ: लव-जिहाद के बढ़ते मामलों के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहुत ही अहम फैसला दिया है. हाइकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि बालिग लड़का व लड़की अपनी मर्जी से किसी भी व्यक्ति के साथ रह सकते हैं. उनके जीवन में हस्तक्षेप करने का किसी को अधिकार नहीं है. वहीं एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि महज शादी के लिए धर्म परिवर्तन करना वैध नहीं है.

जानकारी के मुताबिक दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाते हुए इलाहाबाद हाइकोर्ट ने ये अहम आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पसंद का धर्म अपनाने का अधिकार देता है, लेकिन महज शादी के लिए धर्म परिवर्तन किया जा रहा है. विशेष विवाह अधिनियम के तहत बिना धर्म बदले विपरीत धर्म को मानने वाले शादी करके वैवाहिक जीवन बिता सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि यह कानून सभी दंपति पर लागू है. इसके बावजूद लोग शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन कर रहे हैं, जो सही नहीं है. यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने पूजा उर्फ जोया व शाहवेज की याचिका पर दिया है.

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जानकारी के मुताबिक पूजा ने घर से भागकर शाहवेज से शादी कर ली. लेकिन ये बात जब परिवार को पता चली तो पूजा को घर में नजरबंद कर दिया, जिस पर यह याचिका दाखिल की गई. कोर्ट ने लड़की को पेश करने का निर्देश दिया. पिता द्वारा पेश न करने परएसपी सहारनपुर को लड़की को पेश करने का निर्देश दिया. कोर्ट में लड़की ने कहा कि वह पति के साथ रहना चाहती है. कोर्ट ने उसे मर्जी से जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया.

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इसके साथ ही न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने प्रियांशी उर्फ समरीन व अन्य की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि दो अलग-अलग धर्म के प्रेमी युगल की याचिका को खारिज करते हुए उन्हें संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष हाजिर होकर अपना बयान दर्ज कराने की छूट दी है. कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि लड़की ने 29 जून 2020 को हिन्दूधर्म स्वीकार किया और एक महीने बाद 31 जुलाई 2020 को शादी कर ली. रिकार्ड से स्पष्ट है कि धर्म परिवर्तन शादी करने के लिए किया गया है.

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