दलबदल से सहमी BJP छोड़ेगी सत्ता विरोधी लहर काटने की रणनीति, MLA टिकट पर बड़ा फैसला

Jayesh Jetawat, Last updated: Wed, 12th Jan 2022, 6:17 PM IST
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी की टिकट बंटवारा रणनीति में बदलाव किया है. अब पार्टी मौजूदा विधायकों के बड़ी संख्या में टिकट नहीं काटेगी. कुछ विधायकों की सीटें बदली जाएंगी. 
अमित शाह ने यूपी चुनाव के मद्देनजर बीजेपी की टिकट वितरण रणनीति में किया बदलाव (फाइल फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर बीजेपी में टिकट को लेकर मंथन जारी है. बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मौजूदा विधायकों के धड़ाधड़ टिकट काटने के फैसले पर असहमति जताई है. अब टिकट बहुत ही कम काटे जाएंगे. मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, दारा सिंह चौहान और 3 विधायकों के इस्तीफे के बाद बीजेपी अपनी रणनीति बदलने जा रही है. कई सिटिंग एमएलए की सीटें बदलकर उन्हें दूसरी विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ाया जाएगा. पहले खबर आई थी कि पार्टी 100 से ज्यादा मौजूदा विधायकों के टिकट काटने पर विचार कर रही है.

दरअसल सत्ता विरोधी लहर की काट के तौर पर स्थानीय वोटरों की नाराजगी झेल रहे और खराब प्रदर्शन वाले भाजपा विधायकों के टिकट कटने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद बीजेपी नेताओं के इस्तीफे दर इस्तीफे से सहमी बीजेपी अब सत्ता विरोधी लहर काटने की रणनीति छोड़कर पार्टी में टूट-फूट और दलबदल रोकने की रणनीति पर काम कर सकती है. इसका सबसे बड़ा फायदा उन विधायकों को मिलेगा जिनका टिकट कटना तय था. माना जा रहा है कि पार्टी अब मौजूदा विधायकों के टिकट काटने में उदारता दिखाएगी.

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मंगलवार को स्वामी प्रसाद मौर्य ने योगी आदित्यनाथ कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और उनके सपा में शामिल होने की खबर है. उनके साथ 3 अन्य विधायकों ने भी बीजेपी का साथ छोड़ा. बुधवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने भी इस्तीफा दे दिया.

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अब खबर है कि अमित शाह चुनाव समिति के मौजूदा विधायकों के अंधाधुंध टिकट काटने की रणनीति से नाराज हैं. शाह की नई रणनीति के मुताबिक मौजूदा विधायकों के टिकट कम काटे जाएंगे. कई मौजूदा एमएलए की सीट बदल जाएगी. उन्हें वर्तमान सीट के बजाय किसी दूसरी सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा. हालांकि, जिन सीटों पर बीजेपी विधायकों के खिलाफ खुलकर नाराजगी है, उनका पत्ता कटना तय है.

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