पुरातत्व विभाग ने चरक फ्लाईओवर निर्माण रोक के लिए दी तहरीर, अवैध निर्माण का आरोप

Smart News Team, Last updated: Thu, 7th Jan 2021, 9:20 AM IST
  • चरक फ्लाईओवर के निर्माण के खिलाफ भरतीय पुरात्तव विभाग के सब डिवीजन के वरिष्ठ संरक्षक सहायक ने थाने में तहरीर दी है. यह तहरीर सेतू निर्माण के परियोजना प्रबंधक के खिलाफ दी गई है जिसमें पुरातत्व विभाग की जमीन पर निर्माण कार्य का आरोप है. पुरातत्व विभाग के इस कदम का केंद्रीय मंत्री के सांसद प्रतिनिधि ने विरोध किया है.
चरक फ्लाईओवर के निर्माण के खिलाफ भरतीय पुरात्तव विभाग के सब डिवीजन के वरिष्ठ संरक्षक सहायक ने थाने में तहरीर दी है.(प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ. चरक फ्लाईओवर के निर्माण के खिलाफ भरतीय पुरात्तव विभाग के सब डिवीजन के वरिष्ठ संरक्षक सहायक ने थाने में तहरीर दी है. यह तहरीर सेतू निर्माण के परियोजना प्रबंधक के खिलाफ दी गई है जिसमें पुरातत्व विभाग की जमीन पर निर्माण कार्य का आरोप है. पुरातत्व विभाग के इस कदम का केंद्रीय मंत्री के सांसद प्रतिनिधि ने विरोध किया है. उनके अनुसार इसका निर्माण लोगों की सुविधा के लिए किया जा रहा है.

पुरातत्व विभाग का आरोप है कि इमामबाड़ा आसफुद्दौला के दक्षिण में फ्लाईओवर खनन और निर्माण कार्य किया जा रहा है.  जिस जमीन में निर्माण कार्य किया जा रहा वो समारक की जमीन है. इसलिए प्राचीन स्मारक और अवशेष अधिनियम 1958 के अधीन अवैध है. इस अधिनियम के तहत स्मारक के 100 मीटर के  दायरे में किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं हो सकता है. 

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इस पर सांसद प्रतिनिधि ने पुरातत्व के फैसले पर विरोध जताते हुए है कहा है कि इस फ्लाईओवर का निर्माण से पुराने लखनऊ के 5 लाख लोगों को निजात मिलती है. इसके अलावा चिकित्सा के लिए आने वाले लोगों को 10 से 15 मीनट लगते हैं यहां पहुंचने के लिए जो कि काफी सुविधाजनक है. उनका कहना है कि फ्लाईओवर के निर्माण से इमामबाड़ा के दृश्य में कोई फर्क नहीं पड़ रहा है. इसलिए यह निर्माण लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा. 

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