अयोध्या बाबरी विध्वंस केस में CBI कोर्ट में फैसले से पहले 1 सितंबर को आखिरी बहस

Smart News Team, Last updated: 31/08/2020 08:20 PM IST
  • अयोध्या बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अपना लिखित बहस दाखिल कर दी गई. विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव ने अब दोनो पक्षों को एक सितंबर को मौखिक बहस करने का आदेश दिया है.
बाबरी विध्वंस केस में CBI कोर्ट में फैसले से पहले 1 सितंबर को आखिरी बहस

लखनऊ. राम मंदिर निर्माण की आवाज बुलंद के बाद साल 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के अपराधिक मामले में सोमवार को बचाव पक्ष की ओर से अपनी लिखित बहस सीबीआई की विशेष अदालत में दाखिल कर दी गई. साथ ही मामले में अभियुक्त बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी समेत सभी 32 अभियुक्तों की ओर से दाखिल लिखित बहस की एक-एक कॉपी अभियोजन पक्ष को भी दी गई. अब दोनों पक्षों को विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव ने एक सितंबर को मौखिक बहस करने का आदेश दिया है.

गौरतलब है कि बाबरी विध्वंस का यह मामला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव ने मंगलवार को अंतिम बहस करने के आदेश के साथ कहा कि पक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिरी देकर अलग-अलग बहस कर सकते हैं. जज ने कहा कि इसके बाद कोई मौका किसी को नहीं दिया जाएगा.

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मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत को इस मामले का फैसला 30 सितंबर तक सुनाने का आदेश दिया है. मंगलवार 1 सितंबर को दोनों पक्षों की मौखिक बहस के बाद कोर्ट अपना फैसला सुरक्षित कर लेगा. 

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18 अगस्त को सीबीआई ने इस मामले में करीब 400 पन्नों की अपनी लिखित बहस दाखिल की थी. कोर्ट ने 26 अगस्त तक बचाव पक्ष को अपना लिखित बहस दाखिल करने का आखिरी मौका दिया था. सोमवार 31 अगस्त को सभी 32 अभियुक्तों की ओर से लिखित बहस दाखिल की गई.

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