आजाद समाज पार्टी के चीफ चंद्रशेखर का पुलिस पर आरोप, प्रेस कांफ्रेंस रोकने का किया गया प्रयास

Haimendra Singh, Last updated: Sat, 15th Jan 2022, 3:10 PM IST
  • प्रेस कांफ्रेंस के दौरान चंद्रशेखर आजाद रावण ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें प्रेस वार्ता को रोकने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा, कि सभी राजनीतिक पार्टी प्रेस कांफ्रेंस कर रही है लेकिन उनकी ही पार्टी को ऐसा करने से रोका जा रहा है.
आजाद समाज पार्टी लखनऊ कार्यालय.

लखनऊ. आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद रावण ने शनिवार को लखनऊ के पार्टी कार्यालय पर प्रेंस वार्ता की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, कि वह सामाजिक न्याय नहीं समझते हैं. इसके अलावा उन्होंने अखिलेश को दलित विरोध भी बताया. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, कि कोविड-19 के नियमों का हवाला देते हुए पुलिस ने उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस को रोकने का प्रयास किया है. जबकि सभी राजनीतिक दलों रोजाना प्रेस कॉन्फ्रेंस और अन्य कार्य कर रहे है. बता दें कि इंदिरा नगर थाना लखनऊ इस 5 से ज्यादा लोगों न शामिल करने की अपील की थी.

आजाद समाज पार्टी के कार्यालय में नोटिस चस्पा हुआ है.  थाना इंदिरा नगर लखनऊ, प्रभारी निरीक्षक के द्वारा लगाए गए नोटिस में कहा गया है कि “कृपया आप को निर्देशित किया जाता है कि वर्तमान में चुनाव आचार संहिता लगी हुई है. ऐसी स्थिति में चुनाव आचार संहिता एवं धारा 144 सीआरपीसी के नियम नियमों के अनुपालन में 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक जगह पर एकत्रित नहीं होंगे. एकत्रित होने पर आवश्यक विधि कार्यवाही करने का प्रावधान है. आपके द्वारा जो प्रोग्राम किया जाना प्रस्तावित किया गया है. वर्तमान में कोविड-19 महामारी चल रही है इसी कारण शासन द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं. आपसे निवेदन किया जाता है कि उक्त नियमों का उल्लंघन ना किया जाए. अन्यथा आप के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी.”

पुलिस ने आजाद समाज पार्टी के कार्यालय पर नोटिस को चस्पा किया.

सपा से सीट गठबंधन पर भीम आर्मी के चंद्रशेखर की बात बिगड़ी, अखिलेश को दलित विरोधी बताया

इस प्रेस वार्ता में चंद्रशेखर आजाद रावण ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए उन्होंने कहा कि अखिलेश सामाजिक न्याय नहीं समझते हैं. साथ ही उन्होंने अखिलेश को दलित विरोधी भी कहा. उन्हें हम गंठबधन करके भाजपा को सता में आने से रोकना चाहते है परन्तु अखिलेश गंठबंधन का मतलव नहीं समझते है.

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