त्योहारों की छुट्टियों के बाद खुले बैंक, जीवित प्रमाण पत्र के लिए वृद्ध पेंशनधारकों की उमड़ी भीड़

Somya Sri, Last updated: Sat, 13th Nov 2021, 8:42 AM IST
  • 5 दिनों की छुट्ठी के बाद बैंक और दफ्तर खुल गए हैं. 30 नवंबर तक पेंशनधारकों को जीवित प्रमाण पत्र बैंक में जमा करना है. यही कारण है कि बुजुर्ग पेंशनधारकों की भारी भीड़ बैंक, कलेक्ट्रेट और जवाहर कोषागार भवन में जुट रही है. इस दौरान 70 से 80 वर्षीय बुजुर्गों को दफ्तर की सीढ़ियां चढ़ते देखा जा रहा है. किसी का बेटा सहारा बन रहा है तो कई बैसाखी के सहारे दफ्तर पहुंचने को बेबस हैं.
त्योहारों की छुट्टियों के बाद खुले बैंक, जीवित प्रमाण पत्र के लिए वृद्ध पेंशनधारकों की उमड़ी भीड़ (फाइल फोटो)

लखनऊ: त्योहारों का सीजन समाप्त हो चुका है. 5 दिनों की छुट्ठी के बाद बैंक और दफ्तर खुलने लगे हैं. 30 नवंबर तक पेंशनधारकों को जीवित प्रमाण पत्र बैंक में जमा करना है. यही कारण है कि बुजुर्ग पेंशनधारकों की भारी भीड़ बैंक, कलेक्ट्रेट और जवाहर कोषागार भवन में जुट रही है. इस दौरान 70 से 80 वर्षीय बुजुर्गों को दफ्तर की सीढ़ियां चढ़ते देखा जा रहा है. जीवित प्रमाण पत्र बनाने के लिए बुजुर्गों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है. किसी का बेटा सहारा बन रहा है तो कई बैसाखी के सहारे दफ्तर पहुंचने को बेबस हैं. वे चाहते हैं कि किसी तरह 30 नवंबर से पहले उनका जीवित प्रमाण पत्र बन जाए जिससे उनका पेंशन नहीं रुके.

बुजुर्ग पेंशनधारकों के लिए बदले नियम

रिटायर्ड बुजुर्गों के लिए पेंशन ही एकमात्र आर्थिक सहारा होता है. अगर पेंशन रूक जाए तो बुजुर्गों को दवाई से लेकर खाने पीने तक काफी दिक्कत हो सकती है. सरकार ने पेंशनधारी बुजर्गों के लिए नियम में कुछ बदलाव किए हैं जिसके मुताबिक 80 साल के ऊपर से बुजुर्ग पेंशनधारियों को 30 नवंबर से पहले अपना लाइफ सर्टिफिकिट जमा करना होगा. ये सर्टिफिकेट बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा हो सकता है जहां आपकी पेंशन आती है. ये नियम 1 अक्टूबर 2021 से लागू किया गया है. अगर पेंशनधारी बुजुर्ग 30 नवंबर तक अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा नहीं करवाते तो अगले महीने से उनके पेंशन में दिक्कत आ सकती है.

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ऑनलाइन नहीं बन पाया तो खुद चलकर आना पड़ रहा दफ्तर

कलेक्ट्रेट से 45 हजार पेंशनधारक जुड़े हैं. इनमें से 42 हजार को नियमित पेंशन मिल रही है. 28 से 30 हजार पेंशनधारक ऐसे हैं जिनके जीवित प्रमाणपत्र देने का समय नवम्बर में आता है. वहीं जवाहर भवन से 43 हजार पेंशनधारक जुड़े हैं. यहां 25 से 26 हजार पेंशनधारकों को नवम्बर में प्रमाणपत्र देना होता है. बुजुर्ग पेंशनधारकों के मुताबिक उन्होंने ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र बनाने का प्रयास किया था. पर किसी ना किसी कारणवश दिक्कत आने की वजह से अब उन्हें जीवित प्रमाण पत्र बनाने के लिए खुद ही चलकर दफ्तर आना पड़ रहा है.

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क्या है लाइफ सर्टिफिकेट

पेंशन के कुछ नियम होते हैं जिसमें से एक ये नियम भी होता है कि पेंशन तभी तक किसी व्यक्ति के खाते में जाएगी जबतक वो जिंदा है. अगर वो व्यक्ति जो सरकार से पेंशन ले रहा है और उसकी मृत्यु हो जाती है लेकिन परिवार ये बात छुपाता है और पेंशन लेना जारी रखता है तो ये अपराध है. इसलिए हर पेंशनधारी को हर साल अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होता है जो इस बात की तस्दीक करता है कि वो व्यक्ति अभी इस दुनिया में है.

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