शिक्षकों का शोषण! छुट्टी के लिए ली जाती है 2000 रुपये की घूस

Smart News Team, Last updated: 05/12/2020 10:33 AM IST
  • बेसिक शिक्षा विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को छुट्टी के लिए 500 से लेकर 2000 तक रुपये प्रतिदिन के हिसाब से घूस देना पड़ता है.
प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों से छुट्टी के लिए 500 से लेकर 2000 तक की घूस ली जाती है.

लखनऊ. बेसिक शिक्षा विभाग ने अपनी रिपोर्ट में छुट्टी के लिए शिक्षकों से घूस लेने का खुलासा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को छुट्टी के लिए 500 से लेकर 2000 तक रुपये प्रतिदिन के हिसाब से घूस अधिकारियों को देनी पड़ती है. बेसिक शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छुट्टी के दिन और बढ़ जाने पर घूस की रकम भी बढ़ जाती है. रिपोर्ट में बताया गया है कि छुट्टी के लिए शिक्षकों का शोषण भी किया जाता है.

बेसिक शिक्षा विभाग ने आईवीआरएस कॉल के माध्यम से विभिन्न जिलों में तैनात शिक्षकों से सर्वे कर यह रिपोर्ट बनाया. बेसिक शिक्षा विभाग ने कुल 12733 शिक्षकों से बात की. बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से 12733 शिक्षकों से छुट्टी स्वीकृत करने में विलंब और शोषण से संबंधित सवाल पूछे. इसमें से 1548 शिक्षकों ने कहा कि छूट्टी के लिए उनका शोषण किया जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि बिना घूस दिए अधिकारी छुट्टी नहीं देते हैं.

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बेसिक शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शिक्षकों को मेडिकल छुट्टी, बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी के भी घूस देने पड़ते हैं. सभी तरह के घूस रेट पहले की तय कर लिए गए हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक जो शिक्षक छुट्टी के लिए घूस नहीं देते हैं तो उनके आवेदन पत्र को अनावश्यक पेंडिंग में डाल दिया जाता हैं. यह भी दावा किया गया है कि ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारी आवेदन पत्र के साथ घूस मिलने पर ही छुट्टी का प्राथना पत्र देखते हैं.

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आपके अपने अखबार हिंदुस्तान ने अपनी पड़ताल में पाया कि जरूरत और छुट्टी के दिनों को देखते हुए घूस के रेट तय किए गए हैं. अगर नए भर्ती वाले शिक्षकों को अपनी शादी के लिए 7 दिन तक की छुट्टी चाहिए होती है तो उन्हें दोगुना घूस की रकम देना पड़ता है.

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