यूपी चुनाव: सपा विधायक हरिओम यादव व धर्मपाल बीजेपी में शामिल, कांग्रेस को भी झटका

Ankul Kaushik, Last updated: Wed, 12th Jan 2022, 2:12 PM IST
  • यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले विधायकों का दल बदलने का दौर जारी है. इसी क्रम में आज बुधवार को कांग्रेस विधायक नरेश सैनी, सपा विधायक हरिओम यादव और पूर्व सपा विधायक धर्मपाल सिंह बीजेपी में शामिल हो गए हैं. प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने इन तीनों नेताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई.
कांग्रेस सपा नेता बीजेपी में शामिल, फोटो क्रेडिट (स्वतंत्र देव सिंह ट्विटर)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने विपक्षी दलों में सेंध लगानी शुरू कर दी है. आज बुधवार को कांग्रेस विधायक नरेश सैनी, सपा विधायक हरिओम यादव और पूर्व सपा विधायक धर्मपाल सिंह बीजेपी में शामिल हो गए. इन तीनों नेताओं को बीजेपी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व यूपी के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में बीजेपी की सदस्यता दिलाई है. यूपी चुनाव से पहले विपक्षी दलों का बीजेपी का तगड़ा झटका है. हाल ही में बीजेपी के कई विधायकों ने पार्टी छोड़ी थी और उन्होने अखिलेश यादव की सपा का दामन थाम लिया था. वहीं इन तीनों नेताओं के शामिल होने की जानकारी खुद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने ट्विटर पर दी है.

स्वतंत्र देव सिंह ने ट्विटर पर इस जानकारी को देते हुए लिखा- मोदी सरकार और योगी सरकार की लोककल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर आज कांग्रेस विधायक श्री नरेश सैनी, सपा विधायक श्री हरिओम यादव एवं पूर्व सपा विधायक श्री धर्मपाल सिंह ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने दिल्ली में इन नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाते हुए कहा कि इन नेताओं का भाजपा में स्वागत है और इनके बीजेपी में शामिल होने से पार्टी के चुनाव अभियान को मजबूती मिलेगी. 

यूपी विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर ओमप्रकाश राजभर पहुंचे सपा ऑफिस

बता दें कि सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र से सपा के विधायक हरिओम यादव और बेहट सीट से कांग्रेस के विधायक नरेश सैनी ने चुनाव से पहले अपनी अपनी पार्टियों को झटका दे दिया है. वहीं एतमादपुर से बसपा के पूर्व विधायक धर्मपाल सिंह भी बीजेपी में शामिल हुए हैं और माना जा रहा है कि इन्हें बीजेपी एतमादपुर से ही टिकट देगी. यूपी विधानसभा चुनाव के लिए सपा और कांग्रेस व बीजेपी को अपने अपने विधायकों को पार्टी में रोकने की जरुरत हैं क्योंकि कब कौन सी पार्टी में चला जाए पता नहीं चल रहा है. 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें