CM योगी से मिले राकेश टिकैत, किसान अध्यादेश और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चर्चा

Smart News Team, Last updated: Wed, 23rd Sep 2020, 3:09 PM IST
  • भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की. 25 सितंबर को भाकियू का किसान कर्फ्यू चक्का चाम हल्ला बोल कार्यक्रम है. टिकैत किसानों के मुद्दों, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और किसानों के अध्यादेश पर चर्चा करने पहुंचे थे.
भाकियू अध्यक्ष राकेश टिकैत समेत किसान प्रतिनिधिमंडल ने की यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात.

लखनऊ. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से बुधवार सुबह किसान प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने सीएम योगी से मुलाकात की. राकेश टिकैत के अलावा पांच लोग इस बैठक में शामिल रहे. 

भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी काफी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. इसमें सबसे अहम दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ा मुद्दा है जिसमें किसान समान मुआवजे की मांग कर रहे हैं. समान मुआवजे की मांग के अलावा किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान संबंधी तीन अध्यादेशों पर भी चर्चा की. 

CM योगी से राकेश टिकैत की नहीं बनी बात, 25 सितंबर को किसान यूनियन का चक्का जाम कर्फ्यू

हालांकि मुख्यमंत्री योगी के साथ बातचीत में कोई बात ना बनने की जानकारी खबर आ रही है जिसके बाद 25 सितंबर का आंदोलन जारी रखने का फैसला हुआ है.

मुख्यमंत्री के सामने किसानों की 16 मांगें रखी

- दो सालों से गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ा. उत्पादन लागत बढ़ती जा रही है. किसानों को नुकसान हो रहा. आगामी सत्र में गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति कुंतल हो.
- गन्ना किसानों को नियमानुसार गन्ना खरीद के 14 दिनों में भुगतान हो. लेट भुगतान की स्थिति में किसानों कोब्याज समेत गन्ना भुगतान हो. गन्ना किसानों को पास बुक जारी कराई जाए. गन्ना खरीद नीति में कोई बदलाव ने किया जाए.
- यूपी गन्ना अधिनियम 1953 की धारा 12(3) संदर्भ में ब्याज माफ करने गन्ना आयुक्त में निहित है.
- किसानों के सामान्य योजना में स्वीकृत नलकूप कनेक्शान का सामान दिए जाने हेतु अविलंब लक्ष्य जारी किया जाए. डार्क जोन में अनियमित रूप से चलाए जाए रहे निजी नलकूपों के संयोजन नियमितकरण के लिए तीन महीने का समय दिया जाए.
-किसानों को निजी नकलूप के आवेदन सामान्य योजना की छूट के कारण नहीं मिल पा रहे है. भी आवेदक किसानों को तुरंत कनेक्शन दिए जाए. बिजली विभाग की गलती के कारण हजारों ग्रामीण उपभोक्ता बिल संसोधन के लिए चक्कर लगाते रहते है. गलत बिल भेजने वालों पर कार्रवाई हो.
- प्रदेश में पिछले तीन सालों में निजी नकलूप एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली बिलों में भारी वृद्धि हुई है. जिसे कम किया जाना आवश्यक है. किसानों को बिजली बिलों की दरें कम की जाए.
- किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसका पात्र किसानों को लाभ दिलाया जाए और राज्य सरकार अंशदान देते हुए इसे 12 हजार रुपये सालाना किया जाए।

- भारत सरकार द्वारा संसद में पास किए गए तीन कृषि कानून के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य को भी कानून बनाया जाए। मंडी के बाहर किसान के खेत को छोड़कर अन्य जगहों पर हो रही खरीद पर मंडी टैक्स लगाया जाए।

- किसान ऋण मोचन योजना के तहत पात्र लंबित प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कर किसानों को राशि जारी की जाए।

- प्रदेश में चालान के नाम पर पुलिस द्वारा कोरोना से लेकर अभी तक उत्पीड़न जारी है। पुलिस द्वारा अभद्रता और मारपीट आम हो चुकी है। इस उत्पीड़न से लोगों को राहत दिलाई जाए और थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए।

- प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, डेडीकेटिड फ्रेड कॉरीडोर के तहत बड़े पैमाने पर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। सभी जगह किसानों की भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा एवं अधिकार सुधार तथा पुर्नवास 2013 में संशोधन का लाभ नहीं दिया जा रहा। दोनों विभागों द्वारा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का उल्लंघन किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की अनुसूची दो और तीन का लाभ दिया जाए।

- भूमि अधिग्रहण अवार्ड में कानून विरूद्ध बिना फसल को मुआवजा दिए मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, मिर्जापुर, सहारनपुर, शामली में किसानों की तैयार फसलों को नष्ट कर दिया गया। ऐसा करने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और किसानों को नष्ट की गई फसलों का मुआवजा दिया जाए।

- प्रदेश में कृषि रक्षा केंद्रों पर कृषि रसायन उपलब्ध कराए जाए। सभी जिलों में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।

- जंगली जानवरों व अन्ना प्रथा से किसानों को राहत दी जाए। गौशालाओं का संचालन सुचारू कराया जाए।

- सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार किसानों को पराली, गन्ना पत्ती के निस्तारण के लिए तीन हजार रुपये एकड़ दिया जाए और कंबाईंड में स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाए जाने की बाध्यता को समाप्त किया जाए।

- उत्तर प्रदेश में किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाए।

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भारतीय किसान यूनियन कृषि से जुड़े तीन बिलों को लेकर अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 सितंबर को प्रदेश व्यापी आंदोलन करने पर अडिग है. किसान और भाकियू बिल के विरोध में हैं. उन्होंने कई दिनों से इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किए हैं. राकेश टिकैत के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता बील के विरोध में धरने पर भी बैठे थे.

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राकेश टिकैत ने बीजेपी सरकार पर नारजगी जताते हुए कहा कि सरकार जो किसानों से संबंधित तीन अध्यादेश लाई है वे किसानों को नुकसान पहुंचाने का षडियंत्र है. गौरतलब हो की भकियू 25 सितंबर को हल्ला बोल कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है. उन्होंने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, तमिलनाडु आदि राज्यों में 25 सितंबर को किसान कफ्र्यू और इस देशव्यापी प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए देश भार के किसानों, व्यापारियों, दुकानदारों आदि से अपिल की है.

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