CM योगी से राकेश टिकैत की नहीं बनी बात, 25 सितंबर किसान यूनियन चक्का जाम कर्फ्यू

Smart News Team, Last updated: Wed, 23rd Sep 2020, 3:04 PM IST
  • यूपी सीएम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल मिला. किसान अध्यादेश और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे मुआवजे को लेकर चर्चा हुई लेकिन बात नहीं बनी. अब 25 सितंबर को किसान चक्का जाम कर्फ्यू करके विरोध दर्ज करेंगे.
CM योगी से मुलाकात असफल, राकेश टिकैत करेंगे देशव्यापी किसान प्रदर्शन हल्ला बोल

लखनऊ. किसानों से जुड़े अध्यादेश और दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे जमीन मुआवजा जैसे कई मसलों को लेकर किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत लखनऊ में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले. टिकैत के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने किसानों की दिक्कतों का जिक्र किया और सरकार से राहत की मांग की जिस पर सीएम योगी ने विचार करने का आश्वासन दिया. 

सूत्रों के मुताबिक सरकार से ठोस राहत और समाधान नहीं मिलने की वजह से टिकैत ने 25 सितंबर को घोषित किसान यूनियन के चक्का जाम कर्फ्यू को नहीं टालने का फैसला किया है. अब किसान 25 सितंबर को सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करेंगे. किसानों का यह विरोध प्रदर्शन अलग-अलग संगठन के बैनर तले लगभग पूरे देश में हो रहा है.

CM योगी से मिले राकेश टिकैत, किसान अध्यादेश और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चर्चा

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सीएम से कहा कि किसानों के साथ अन्याय हो रहा है. उन्होंने दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे में एक समान मुआवजे की बात रखी. कृषि विधेयक में किसानों के हित की बात को उचित स्थान देने को कहा.

राकेश टिकैत ने कहा है भकियू 25 सितंबर को किसान कर्फ्यू और चक्का जाम आंदोलन करेगा. किसान यूनियन पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत दूसरे राज्यों के किसानों, व्यापारियों, दुकानदारों से अपील कर रहा है कि किसान कर्फ्यू और प्रदर्शन को सफल बनाएं.

कृषि बिल के खिलाफ किसान यूनियन का हल्ला बोल प्रदर्शन

किसानों का आंदोलन पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को लेकर शुरू हुआ था. केंद्र सरकार इसी बीच किसानों से जुड़े तीन बिल लाई जिसमें दो बिल राज्यसभा और लोकसभा से पास भी हो गए हैं. राकेश टिकैत ने बीजेपी सरकार से नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार जो किसानों से संबंधित तीन अध्यादेश लाई है वे किसानों को नुकसान पहुंचाने का षडयंत्र है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसानों की 16 मांगों को लेकर राकेश टिकैत मिले

भारतीय किसान यूनियन के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 16 मांगों को लेकर ज्ञापन दिया. प्रतिनिधिमंडल में राकेश टिकैत, प्रदेश उपाध्यक्ष हरनाम सिंह वर्मा, बरेली मंडल अध्यक्ष सरदार अजित सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान, मैनपाल सिंह, धर्मेंद्र मलिक शामिल थे.

मुख्यमंत्री के सामने किसानों का मांगपत्र

- दो सालों से गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ा. उत्पादन लागत बढ़ती जा रही है. किसानों को नुकसान हो रहा. आगामी सत्र में गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति कुंतल हो.

- गन्ना किसानों को नियमानुसार गन्ना खरीद के 14 दिनों में भुगतान हो. लेट भुगतान की स्थिति में किसानों को ब्याज समेत भुगतान हो. गन्ना किसानों को पास बुक जारी कराई जाए. गन्ना खरीद नीति में कोई बदलाव न किया जाए.

- किसानों को सामान्य योजना में स्वीकृत नलकूप कनेक्शन का सामान देने के लिए अविलंब लक्ष्य जारी किया जाए. डार्क जोन में अनियमित रूप से चल रहे निजी नलकूपों के नियमतीकरण के लिए तीन महीने का समय दिया जाए.

- बिजली विभाग की गलती के कारण हजारों ग्रामीण उपभोक्ता बिल ठीक करवाने के लिए चक्कर लगाते रहते है. गलत बिल भेजने वालों पर कार्रवाई हो.

- प्रदेश में पिछले तीन सालों में निजी नकलूप एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली बिलों में भारी वृद्धि हुई है, जिसे कम किया जाना आवश्यक है. किसानों के लिए बिजली की दर कम की जाए.

- किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इसके पात्र किसानों को लाभ मिले और राज्य सरकार अंशदान देते हुए इसे 12 हजार रुपये सालाना करे.

मुजफ्फरपुर: 25 सितंबर को कृषि बिल के खिलाफ भारत बंद की तैयारियां तेज

- भारत सरकार द्वारा संसद में पास किए गए तीन कृषि कानून के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य को भी कानून बनाया जाए. मंडी के बाहर किसान के खेत को छोड़कर अन्य जगहों पर हो रही खरीद पर मंडी टैक्स लगाया जाए.

- किसान ऋण मोचन योजना के तहत पात्र लंबित प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कर किसानों को राशि जारी की जाए.

- प्रदेश में चालान के नाम पर पुलिस उत्पीड़न जारी है. पुलिस द्वारा अभद्रता और मारपीट आम हो चुकी है. इस उत्पीड़न से लोगों को राहत दिलाई जाए और थानों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे.

- प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, डेडीकेटिड फ्रेड कॉरीडोर के तहत बड़े पैमाने पर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. किसानों की भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा एवं अधिकार सुधार तथा पुर्नवास 2013 में संशोधन का लाभ नहीं दिया जा रहा. दोनों विभागों द्वारा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का उल्लंघन किया जा रहा है. भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की अनुसूची दो और तीन का लाभ दिया जाए.

- भूमि अधिग्रहण अवार्ड में कानून विरूद्ध बिना फसल का मुआवजा दिए बुलंदशहर, मिर्जापुर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली में किसानों की तैयार फसलों को नष्ट कर दिया गया. जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और किसानों को नष्ट फसलों का मुआवजा दिया जाए.

- कृषि रक्षा केंद्रों पर कृषि रसायन उपलब्ध कराएं जाएं. जिलों में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए.

- जंगली जानवरों से किसानों को राहत दिलाई जाए. गौशालाओं का संचालन सुचारू कराया जाए।

- सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार किसानों को पराली, गन्ना पत्ती के निस्तारण के लिए तीन हजार रुपये प्रति एकड़ दिया जाए. स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाने की बाध्यता समाप्त की जाए.

- उत्तर प्रदेश में किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाए.

सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने पहुंचे किसान प्रतिनिधिमंडल के साथ भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष राकेश टिकैत.
आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें