स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग में बड़ा खुलासा, कोरोना मरीजों ने छिपाई बीमारी

Smart News Team, Last updated: 04/10/2020 02:34 PM IST
  • शहर में होमआइसोलेशन के ढाई हजार से अधिक मरीज दूसरे रोगों से गिरफ्त मिले. यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग में हुआ
कोरोना टेस्ट का सैंपल लेते हुए डॉक्टर

लखनऊ। जनपद में लगातार कोरोना महामारी का प्रकोप तेजी से पैर पसार रहा है. वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की गई मॉनिटरिंग में एक अहम खुलासा हुआ है. जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के भी होश उड़ गए हैं.

दरसअल कोरोना मरीज अस्पताल में अकेलेपन से घबरा रहे हैं. लिहाजा अस्पताल मे भर्ती के भय में वह बीमारी छिपा रहे हैं. ऐसे में घर पर एकाएक उनकी तबीयत बिगड़ रही है. ऐसे में उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में शिफ्ट कराना पड़ा. इस बीच जरा सी चूक उनकी जिंदगी पर भी भारी पड़ रही है. शहर में होमआइसोलेशन के ढाई हजार से अधिक मरीज दूसरे रोगों से गिरफ्त मिले. यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग में हुआ. 

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वहीं शहर में 11 मार्च को पहला कोरोना मरीज पाया गया. पहले सभी पॉजिटिव मरीज अस्पताल में भर्ती किए गए.जुलाई में मरीजों की भरमार हो गई.लिहाजा अस्पतालों में बेडों को लेकर मारामारी बढ़ गई. वहीं होम आइसोलेशन को लेकर भी आवाज उठने लगी. ऐसे में सरकार ने 21 जुलाई को होमआइसोलेशन की सुविधा मुहैया करा दी. कोरोना के बिना लक्षण (एसिम्प्टोमेटिक) मरीजों को घर पर इलाज की सुविधा मिल गई. वहीं कोरोना के लक्षण वाले मरीज व 60 वर्ष की उम्र पार कर चुके संक्रमित बुजुर्गों को अस्पताल में भर्ती करने का आदेश है.

ऐसे में कई मरीजों ने अस्पताल में भर्ती के भय से बीमारी छिपा ली. लिहाजा कोविड कंट्रोल रूम में फोन पर गलत हिस्ट्री नोट कराकर होमआइसोलेशन एलॉट करा लिया. इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग में कई मरीज दूसरी बीमारी से गिरफ्त में मिले. वहीं तबीयत बिगड़ने पर खुद कइयों ने कोविड अस्पताल के लिए कॉल की. लिहाजा जुलाई से अब तक 2570 के करीब मरीज घर से एकाएक अस्पताल शिफ्ट कराने पड़े.

शहर में विभिन्न की बीमारी से घिरे लोग सामने आए है. सीएमओ कार्यालय प्रवक्ता योगेश चंद्र रघुवंशी के मुताबिक होमआइसालेशन के ढाई हजार से अधिक मरीजों को अस्पताल शिफ्ट कराया गया. लोग बीमारी न छिपाएं . ऐसा करने से उनके जीवन को ही खतरा है.

 

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