कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस की असरदार दवा खोजने में जुटे केजीएमयू के डॉक्टर

Smart News Team, Last updated: Thu, 13th May 2021, 6:58 PM IST
  • कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस बीमारी के बढ़ते केस के बीच लखनऊ के केजीएमयू में डॉक्टर इस रिसर्च में जुट गए हैं कि कौन सी एंटी फंगल दवा इस बीमारी के इलाज में सबसे ज्यादा असरदार साबित हो सकती है.
ब्लैक फंगस की दवा खोजने में केजीएमयू के डॉक्टर जुट गए हैं.

लखनऊ. कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस बीमारी की बढ़ती संख्या के बीच उत्तर प्रदेश (यूपी) के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के डॉक्टर इस रिसर्च में जुट गए हैं कि कौन सी एंटी फंगल दवा ब्लैक फंगस के मरीजों पर सबसे ज्यादा असरदार साबित हो सकती है. केजीएमयू के डॉक्टर यूपी के तमाम मेडिकल कॉलेज से ब्लैक फंगस के मरीजों से जांच के नमूने मंगवा रहे हैं जिस पर लैब में जांच की जाएगी कि कौन सी एंटी फंगल दवा इस बीमारी के इलाज में सबसे ज्यादा कामयाब साबित हो सकती है.

केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मेडिकल संस्थान के लैब में ब्लैक फंगस का कल्चर तैयार किया जाएगा और यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि उस पर उपलब्ध एंटी फंगल दवाओं में कौन सी दवा बेहतर तरीके से काबू पा सकती है. उन्होंने बताया कि अभी बाजार में दो-तीन ऐसी एंटी फंगल दवा हैं जिन्हें डॉक्टर मरीजों को दे रहे हैं लेकिन वो सब काफी मंहगी दवाए हैं. 

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डॉ. गुप्ता ने बताया कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों से ब्लैक फंगस के मरीजों के नमूने मांगे गए हैं. उन्होंने बताया कि उनकी जांच में नैचल स्वैब यानी नाक के अंदर से लिए जाने वाले नमूनों से ज्यादा बेहतर बायोप्सी से लिए गए नमूने साबित हो सकते हैं. इसलिए सभी मेडिकल कॉलेजों से ब्लैक फंगस मरीजों के बायोप्सी नमूने भेजने को कहा गया है. माना जा रहा है कि जितने ज्यादा नमूने जांच में आएंगे, रिसर्च का नतीजा उतना बेहतर होगा. 

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ये हम सबको पता ही होगा कि इस समय कोरोना मरीजों के इलाज में इस्तेमाल हो रही ज्यादातर दवाएं एंटी वायरल मेडिसिन हैं जिन्हें मरीजों को कोरोना वायरस को काबू करने के लिए दिया जा रहा है. उसी तरह ब्लैक फंगस की बिल्कुल सटीक दवा बनने तक डॉक्टर ऐसी दवा की पहचान करना चाहते हैं जो अभी बाजार में मौजूद है और इस बीमारी के इलाज में ज्यादा से ज्यादा प्रभावी हो. 

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