PNB के सर्वर में सेंध, 18 करोड़ ग्राहकों का डाटा उजागर, बैंक ने डिटेल लीक होने से किया इन्कार

Swati Gautam, Last updated: Mon, 22nd Nov 2021, 10:21 AM IST
  • पंजाब नेशनल बैंक के सर्वर में लगी सेंध के कारण पिछले सात महीनों से तकरीबन 18 करोड़ ग्राहकों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी उजागर हो रही थी. यह दावा एक साइबर सुरक्षा कंपनी साइबरएक्स9 द्वारा किया गया है. बैंक का कहना है कि इसके कारण ग्राहकों के ब्योरे/ऐप्लिकेशंस पर कोई असर नहीं पड़ा और सर्वर को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है.
PNB के सर्वर में सेंध, 18 करोड़ ग्राहकों का डाटा उजागर, बैंक ने डिटेल लीक होने से किया इन्कार. file photo

लखनऊ. पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की ओर से ग्राहकों से जुड़ी जानकारी के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसमें पीएनबी के सर्वर में लगी सेंध के कारण पिछले सात महीनों से तकरीबन 18 करोड़ ग्राहकों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी उजागर हो रही थी. यह दावा एक साइबर सुरक्षा कंपनी साइबरएक्स9 द्वारा किया गया है. साइबरएक्स9 ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र बैंक में सुरक्षा खामी से यह साइबर हमला प्रशासनिक नियंत्रण के साथ उसकी संपूर्ण डिजिटल बैंकिंग प्रणाली तक हुआ है.

वहीं बैंक ने तकनीकी गड़बड़ी की पुष्टि तो की है लेकिन सर्वर में सेंध से ग्राहकों की महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक होने की बात से इन्कार किया है. बैंक का कहना है कि इसके कारण ग्राहकों के ब्योरे/ऐप्लिकेशंस पर कोई असर नहीं पड़ा और सर्वर को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है. वहीं पंजाब नेशनल बैंक ने यह भी बताया कि जिस सर्वर में सेंध की बात सामने आई है, उसमें कोई संवेदनशील या महत्वपूर्ण जानकारी नहीं थी.

दिसंबर से 30 फीसदी तक महंगा हो सकता है जीवन बीमा प्रीमियम, जानिए क्या है वजह

साइबरएक्स-9 कंपनी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक हिमांशु पाठक ने बैंक की इस चूक पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) द्वारा बीते सात महीनों से ग्राहकों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा से समझौता किया जाता रहा. साइबरएक्स-9 की रिसर्च टीम ने बैंक की सुरक्षा प्रणाली में एक बड़ी खामी का पता लगाया, इस कारण बेंक का आंतरिक सर्वर तक प्रभावित हो रहा था. बैंक द्वारा इस गड़बड़ी को तब सही किया जब कपनी ने साइबर सुरक्षा पर नजर रखने वाली संस्थाएं सीईआरटी-इन और नेशनल क्रिटिकल इन्फारमेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर (एनसीआइआइपीसी) के माध्यम से बैंक को इसकी सूचना दी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें