सपा ने शुरू से दलितों- पिछड़ों की तिरस्कारी, अब वोट के लिए नाटकबाजी- मायावती

Swati Gautam, Last updated: Mon, 8th Nov 2021, 2:04 PM IST
  • सोमवार को बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि सपा शुरू से ही दलितों व पिछड़ों में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों की तिरस्कारी रही है. यह सब जानते हैं. अब यह पार्टी इनके वोट की खातिर कितनी भी नाटकबाजी क्यों ना कर ले.
मायावती का SP पर तंज, कहा- पार्टी ने शुरू से दलितों- पिछड़ों की तिरस्कारी, अब वोट के लिए नाटकबाजी. file photo

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कुछ ही समय में यूपी विधानसभा चुनाव 2022 शुरू होने वाले हैं ऐसे में नेताओं की एक दूसरे पर छींटाकसी, आरोप-प्रत्‍यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है. सोमवार को बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने जोरदार हमला किया और कहा कि सपा शुरू से ही दलितों व पिछड़ों में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों की तिरस्कारी रही है जिसका खास उदाहरण फैजाबाद जिले में से बनाया गया नया अम्बेडकर नगर जिला है. भदोही को नया जिला संत रविदास नगर बनाने का भी इन्होंने विरोध किया तथा इसका नाम तक भी सपा सरकार ने बदल दिया.

बसपा सुप्रीमों ने दूसरा ट्वीट करते हुए लिखा कि इसी प्रकार यूपी के अनेकों संस्थानों व योजनाओं आदि के नाम जातिवादी द्वेष के कारण अधिकांशः बदल दिए गये, ऐसे मेंl सपा द्वारा उनकी व उनके मानने वालों के प्रति आदर-सम्मान व सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है? चाहे अब यह पार्टी इनके वोट की खातिर कितनी भी नाटकबाजी क्यों ना कर ले?

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बता दें कि हाल के दिनों में बहुजन समाज पार्टी ने नेताओं का पार्टी बदलने का सिलसिला जारी है. जिस पर कई बार मायावती भी तंज कस चुकी हैं. बसपा के सभी विधायक समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए रविवार को भी पूर्वांचल के अंबेडकर नगर में बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित विधायक अखिलेश यादव के साथ मंच साझा करते नजर आए. जिसको लेकर मायावती का गुस्सा सातवें आसमान पर जाता दिखा. बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी से निकाले गए इन नेताओं की सपा में जॉइनिंग को लेकर तंज भी किया था.

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