BSP के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश का बहनजी को CM बनाना है के नाम पर चंदा लेना अनुचित: मायावती

Ankul Kaushik, Last updated: Sun, 5th Sep 2021, 1:08 PM IST
  • बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने ऐसे लोगों से सावधान रहने के लिए कहा है जो उनके नाम पर चन्दा वसूल रहे हैं. इसके साथ ही मायावती ने बसपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश पर चंदा वसूलने का आरोप लगाते हुए कहा बहनजी को सीएम बनाना है के नाम पर  चन्दा वसूलना घोर अनुचित.
बहनजी को सीएम बनाना नाम पर चन्दा वसूलना घोर अनुचित- मायावती (फाइल फोटो)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के लिए बसपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पूरी तरह से तैयार हैं. इस चुनाव के लिए बसपा नेता पार्टी के लिए सम्मेलन भी कर रहे हैं. इसी बीच मायावती ने ट्वीट करके एक जानकारी दी है कि कुछ लोग उनके नाम पर चन्दा वसूल रहे हैं जिसे उन्होंने अनुचित बताया है. मायावती ने ट्वीट करके लिखा-बीएसपी मूवमेन्ट की सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की सोच से भटकाव आदि के कारण पार्टी से निष्कासित पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री जयप्रकाश द्वारा इन दिनों ’बहनजी को सीएम बनाना है’ के नाम पर जगह-जगह घूमकर लोगों से चन्दा आदि वसूलना घोर अनुचित. ऐसे अन्य सभी लोगों से सावधान रहने की अपील. मायावती के इस ट्वीट से साफ पता चल रहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ लोगो उनकी पार्टी के नाम पर जगह-जगह जाकर लोगों से चन्दा वसूल रहे हैं.

बता दें कुछ दिन पहले भी बसपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह समेत अज्ञात पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था. इस केस को बसपा के जिलाध्यक्ष लख्मी सिंह ने दर्ज करया था. बीएसपी जिलाध्यक्ष लख्मी सिंह ने बादलपुर थाना में शिकायत दर्ज करते हुए कहा था कि बसपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह पार्टी से निष्कासित किए जाने के बावजूद बसपा मुखिया मायावती के फोटो, पार्टी के झंडे आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं और वह लोगों से चन्दा भी वसूल रहे हैं.

 

यूपी चुनाव: एबीपी-सी वोटर सर्वे में मायावती की बसपा बेहाल, बस इतनी सीटों पर हो सकती है जीत

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए मायावती की बसपा प्रदेश के ब्राह्मणों को एक करने के लिए प्रबुद्ध सम्मेलन कर रही है. इन सम्मलनों को बसपा के ब्रह्मण नेता सतीश मिश्रा देख रहे हैं. वहीं मायावती ने हाल ही में इन सम्मेलनों के आयोजनों को लेकर कहा प्रदेश में हो रहे इन सम्मेलनों से पता लग रहा है कि बीजेपी के द्वेषपूर्ण और पक्षपातपूर्ण रवैये से जनता काफी निराश है. इस वजह से ही दलित, आदिवासी, पिछड़े, मुस्लिम, अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक से लेकर उच्च जाति के लोग बसपा से जुड़ रहे हैं.

 

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