बसपा से निष्कासित विधायकों ने अखिलेश यादव से की मुलाकात, हो सकते हैं सपा में शामिल!

Smart News Team, Last updated: Tue, 15th Jun 2021, 3:24 PM IST
बसपा से निष्कासित विधायकों ने मंगलवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की है. इन विधायकों के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
बसपा से निष्कासित विधायकों ने मंगलवार को अखिलेश यादव से मुलाकात की है.

लखनऊ. यूपी में विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही सियासी गर्मी तेज हो गई है. मंगलवार को राजधानी लखनऊ में बसपा से निष्कासित विधायकों ने सपा मुख्यालय पर पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि ये सभी विधायक सपा में शामिल होंगे. गौरतलब है कि इससे पहले भी ये विधायक राज्यसभा चुनाव के दौरान अखिलेश से मिले थे और तब भी इनके सपा में आने की खूब चर्चा चली थी. हालांकि इस मुलाकात पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

जानकारी के अनुसार मंगलवार को भिनगा-श्रावस्ती विधायक असलम राइनी, प्रतापपुर-इलाहाबाद विधायक मुजतबा सिद्दीकी, हांडिया-प्रयागराज विधायक हाकिम लाल बिंद,सिधौली-सीतापुर विधायक हरगोविंद भार्गव, ढोलाना-हापुड़ विधायक असलम अली चौधरी, मुंगरा बादशाहपुर विधायक सुषमा पटेल ने अखिलेश यादव से सपा कार्यालय पर मुलाकात की है.

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आपको बता दें कि बसपा से निष्कासित विधायकों के सपा में शामिल होने पर हालांकि अभी संशय बना हुआ है. क्योंकि दल बदल कानून के कारण सपा विधायक दल मंडल में भी शामिल नहीं हो सकते हैं. इसके लिए पहले उन्हें विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपना पड़ेगा. लेकिन सपा के रणनीतिकार विधान परिषद चुनाव से पहले किसी तरह की बाधा नहीं आने देना चाहते इसलिए संभावना जताई जा रही है कि उनके द्वारा विधान परिषद चुनाव के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा. बसपा विधायकों का समर्थन मिलने के बाद समाजवादी पार्टी 3 विधान परिषद सदस्य आसानी से जिता लेगी.

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इससे पहले बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने दो विधायकों राम अचल राजभर और लालजी वर्मा को पंचायत चुनावों के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाकर बसपा से निष्कासित किया था. मायावती ने सभी पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए थे कि इन दोनों विधायकों को पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाए. गौरतलब है कि राम अचल राजभार और लालजी वर्मा दोनों बसपा सुप्रीमो मायावती के काफी करीबी थे. दोनों विधायक अम्बेडकरनगर जिले में बसपा कटेहरी एवं अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र में आसन्न थे लेकिन पंचायत चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों और उससे पहले विभिन्न मौकों पर बरती गई अनुशासनहीनता के कारण लालजी वर्मा और राम अचल राजभर को बसपा से बाहर कर दिया गया. पूर्व मंत्री राम अचल राजभर के विरुद्ध शासन स्तर पर भी कईं जांचें चल रही हैं. दोनों नेता बसपा के स्थापना के समय से पार्टी से जुड़े थे.

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