फर्जी अपर महाधिवक्ता बनकर DM को दिखाया रौब, अब गिरफ्तारी की बारी

Smart News Team, Last updated: 04/02/2021 11:19 AM IST
  • पट्टा आवंटन के लिए फर्जी अपर महाधिवक्ता बनकर फोन कराने वाले युवक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई है.
इंटरनेट कॉल (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रायबरेली: जिले में पट्टा आवंटन के लिए फर्जी अपर महाधिवक्ता बनकर फोन करने वाले युवक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई है. यह कार्रवाई डीएम के निर्देश पर हुई है. बता दें कि बछरावां थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव का रहने वाला विजय कुमार गांव के तालाब का पट्टा कराना चाहता था. इस बात की जानकारी उसने लखनऊ में प्रापर्टी डीलिंग का काम करने वाले विशाल श्रीवास्तव को बताई. उसने आश्वस्त किया कि वह काम करा देगा.

बुधवार को विजय कुमार जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा. इस दौरान विजय ने लखनऊ अपने परिचित विशाल को बताया कि डीएम ऑफिस में बैठे हैं. विशाल ने डीएम के सरकारी फोन पर डायल करके कहा-‘मैं प्रदेश सरकार का अपर महाधिवक्ता बोल रहा हूं. आपके कार्यालय में विजय कुमार नाम का व्यक्ति आया है. इसका मछली पालन के लिए तालाब आवंटन कर दीजिए’. विशाल ने जिलाधिकारी से यह तक कह दिया कि अगर उसका तालाब का आवंटन आप नहीं करेंगे तो 2 घंटे में आपकी कुर्सी चली जाएगी.

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फोन आने के बाद डीएम को कुछ शक  हुआ. डीएम ने कार्यालय में मौजूद विजय कुमार को आनन फानन पकड़वाकर बिठा लिया. शहर कोतवाल ने विजय कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया. पुलिस को जांच में पता चला अपर महाअधिवक्ता ने ऐसा कोई फोन किया ही नहीं है. डीएम के आदेश पर कलेक्ट्रेट के नाजिर मनोज श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज करके विजय कुमार को जेल भेज दिया. पुलिस के मुताबिक फर्जी अपर महाधिवक्ता बनकर डीएम को रौब में लेने वाले आरोपी विशाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लखनऊ रवाना हो गई है.

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