बाबरी विध्वंस केस पर 30 सितंबर को फैसला, राम मंदिर की खुशी पर अगले 48 घंटे भारी

Smart News Team, Last updated: Tue, 29th Sep 2020, 5:17 PM IST
  • बाबरी विध्वंस केस में आखिर 28 साल बाद फैसला आने जा रहा है. 30 सितंबर को सीबीआई कोर्ट मामले में अपना फैसला सुनाएगी. इस केस में रामजन्म भूमि में विवादित ढांचा गिराने के मामले में बीजेपी, शिवसेना और विपिह के के वरिष्ठ नेताओं पर आरोप है.
बाबरी विध्वंश केस पर 30 सितंबर को फैसला, राम मंदिर की खुशी पर अगले 48 घंटे भारी

लखनऊ. रामजन्म भूमि परिसर में 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचे के विध्वंस मामले में 30 सितंबर को फैसला आएगा. सुप्रीमकोर्ट के निर्देश के अनुसार सीबीआई कोर्ट ने मामले में सुनवाई पूरी करके 2 सितंबर से फैसला लिखवाना शुरू कर दिया था. मामले में फैसले को लेकर हर किसी में उत्सुकता है. इस मामले में बीजेपी से लेकर शिवसेना और विपिह के वरिष्ठ नताओं और साधु-संतों पर आरोप है. वहीं इस मामले में 18 आरोपियों की मौत हो चुकी है. मामले में 28 साल बाद आने जा रहे फैसले में बाकि आरोपी भी जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर हैं. हालांकि, ये सभी मंदिर निर्माण के फैसले पर बहुत खुश थे लेकिन आने वाला 48 घंटा इन सब के लिए भारी रहने वाला है.

30 सितंबर के फैसले को लेकर सबकी धड़कने बढ़ी हुई हैं. इस बीच रामनगरी अयोध्या में तो हर गली मोहल्ले में इसकी ही चर्चा है. हर किसी की नजरें सीबीआई कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं. 

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साधु-संत तो उस मामले को मंदिर आंदोलन का अहम मोड़ मानते हैं. इसे लेकर हरिगोपाल धाम के महंत जगदगुरु रामदनेशाचार्य कहते हैं कि यदि इमारत खड़ी होती तो ऐतिहासिक इमारत तोड़कर नए मंदिर की परिकल्पना शायद ही मूर्त रूप ले पाती.

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मामले में वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के कोर्ट में पेशी को लेकर अलग-अलग अटकलें लगाई जा रही हैं. कहा जा रहा है कि वरिष्ठ राजनीतिक नेता कोर्ट में पेशी से छूट की मांग कर सकते हैं. जबकि कानून कहता है कि फैसले के दिन सभी आरोपियों को अदालत में शारीरिक रूप से उपस्थित होना जरूरी है. लेकिन कोरोना महामारी का हवाला देते हुए 32 में से कुछ आरोपी अदालत से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़ने की मांग सकते हैं. इसमें भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी आदि शामिल हैं. यह फैसला कड़ी सुरक्षा के बीच सुनाया जाएगा. पुलिस ने लखनऊ में विशेष सीबीआई अदालत के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंधों की कार्ययोजना तैयार की है.

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