शिक्षा विभाग को CM योगी की बड़ी राहत, इन कर्मचारियों के आश्रित को मिलेगी मनचाही नियुक्ति

Shubham Bajpai, Last updated: Fri, 10th Dec 2021, 9:55 AM IST
  • यूपी की योगी सरकार शिक्षा विभाग के उन कर्मचारियों के परिजनों को बड़ी राहत देने जा रही है. जिनकी मौत कोरोना से हुई. ऐसे कर्मचारियों के आश्रित अपने मनचाहे जिले में नियुक्ति ले सकते हैं. इसको लेकर सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिए हैं.
शिक्षा विभाग को CM योगी की बड़ी राहत, इन कर्मचारियों के आश्रित को मिलेगी मनचाही नियुक्ति

लखनऊ. कोरोना काल में जान गवां चुके शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के परिजनों के लिए योगी सरकार ने एक राहत देने वाला फैसला किया है. योगी सरकार ने इन कर्मचारियों के परिजनों को अब किसी भी जिले में नियुक्ति के लिए अनुमति दे दी है. इसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारी शामिल हैं. इसको लेकर बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने आदेश जारी किया है.

तृतीय श्रेणी में दी जाती नियुक्ति

माध्यमिक शिक्षा विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग में समूह क, ख के अधिकारियों व समूह ग व घ के कर्मचारियों के आश्रितों को उनकी योग्यता के अनुसार तृतीय श्रेणी के पद पर नियुक्ति दी जाती है. शिक्षा विभाग में ये श्रेणी ही कर्मचारियों का संवर्ग मंडल स्तरीय है.

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पहले इस तरह मिलती थी नियुक्ति

विभाग में कर्मचारी के निधन के बाद उसके आश्रित को नौकरी उसी मंडल या उसी जिले में दी जाती थी, जिसमें कर्मचारी कार्यरत था. कर्मचारी का आश्रित अन्य जिलों का चयन नहीं कर सकता था, लेकिन अब नए आदेश के बाद दूसरे मंडल और उससे संबंधित जिलों का भी आसानी से चयन किया जा सकेगा और आश्रित को उस जिले में नियुक्ति मिल जाएगी.

15 दिन में मिल जाएगी दूसरे मडंल में नियुक्ति

जारी आदेश के अनुसार, मृतक अधिकारी व कर्मचारी के आश्रित को यदि उसी मंडल में नियुक्ति चाहिए, जिसमें मृतक तैनात था तो उसकी नियुक्ति उस जिले में सात दिन में कर दी जाएगी. वहीं, आश्रित दूसरे मंडल के किसी जिले में तैनाती चाहता है तो उसके आवेदन को नियुक्ति अधिकारी दो हफ्ते में पूरा करके 15 दिनों में नियुक्ति दे देगा.

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सहायक अध्यापक की मौत के बाद पत्नी की मांग पर लिया ये फैसला

सरकार ने ये फैसला माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनात राजकीय इंटर कालेज के सहायक अध्यापक की मौत के बाद उनकी पत्नी की मांग पर लिया गया. अपर सिक्षा निदेशक शिविर ललिता प्रदीप ने बताया कि सहायक अध्यापक की मौत के बाद उसी मंडल में उनकी पत्नी की तृतीय श्रेणी में नियुक्ति की गई, लेकिन वो दूसरे मंडल में नियुक्ति की मांग कर रही थी. जिसके बाद विभाग ने काफी विचार करने के बाद ये फैसला लिया है.

 

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