BJP मिशन किसान: CM योगी का गन्ना समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का ऐलान, 25 रुपये प्रति कुंतल बढ़े दाम

Anurag Gupta1, Last updated: Sun, 26th Sep 2021, 5:20 PM IST
लखनऊ में आयोजित हुए किसान सम्मेलन में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 25 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य बढ़ाने का ऐलान किया है. अब गन्ना किसानों को 325 की जगह 350 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से भुगतान किया जाएगा.  
सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

लखनऊ. मंत्रिमंडल विस्तार से ठीक पहले यूपी चुनाव 2022 के मद्देनजर किसानों की नाराजगी को दूर करने की पुरजोर कोशिश में लगी उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने गन्ना मूल्यों का दाम 25 रुपये क्विंटल बढ़ाकर लाखों किसानों को राहत पहुंचाई है. खासतौर पर वेस्ट यूपी के किसान गन्ना मूल्यों से जुड़ी मांग लगातार सरकार से कर रहे हैं. कुछ समय पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसानों नेताओं से मुलाकात की थी और किसानों की समस्याएं जल्द से जल्द सुलझाने की बात कही थी. जहां एक तरफ राकेश टिकैट समेत कई किसान नेता भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलकर देशभर में सभा कर रहे हैं. दूसरी ओर भाजपा भी यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले मिशन किसान पर पूरा फोकस कर रही है. इसी क्रम में अब सीएम योगी आदित्यनाथ ने गन्ना मूल्यों को बढ़ाकर बड़ा फैसला किया है. 

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड वृंदावन योजना में किसान सम्मेलन में गन्ना मूल्यों में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का ऐलान किया. सीएम योगी यूपी में कैबिनेट विस्ता सीएम इस सम्मेलन में प्रदेश के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे. इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि गन्ना मूल्य में वृद्धि से गन्ना किसानों की आय में आठ फीसदी की बढ़ोत्तरी होगी. इसके साथ ही प्रदेश के 45 लाख किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी. सीएम योगी ने कहा कि अब गन्ना किसानों को 325 की जगह 350 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से भुगतान किया जाएगा. सामान्य गन्ने के लिए 315 के बजाय 340 रुपये का भुगतान किया जाएगा.

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सीएम योगी ने कहा कि पराली जलाने को लेकर किसानों पर दर्ज हुए सारे मुकदमें वापस लेने की कार्रवाई शुरु कर दी गई है. सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में गन्ना किसानों को अपनी उपज जलाने की नौबत थी, क्योंकि उस असमय चीनी मिलें बंद हो जाती थीं. 

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किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 में 8 वर्षों से गन्ने का भुगतान बकाया था. पिछली सरकारों में गन्ने का भुगतान नहीं हुआ था, जिससे किसान परेशान था. चीनी मिलें बंद हो रही थीं लेकिन इच्छाशक्ति वाली भाजपा सरकार ने टीमवर्क के साथ काम किया और चीनी मिलों को चालू कराने का काम किया. हमारी सरकार में चीनी मिलें बंद नहीं हुईं, बल्कि बंद पड़ी चीनी मिलों को चलाने का काम किया.

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