लखनऊ: खून जांच की रिपोर्ट देखकर कंप्यूटर बताएगा कि बच्चे की बीमारी कितनी गम्भीर

Smart News Team, Last updated: Sun, 3rd Jan 2021, 3:30 PM IST
  • अब महज 48 से 72 घंटे में पता चल जाएगा कि बच्चे में दवा कारगर होगी कि लीवर का प्रत्यारोपण कराना होगा. डॉक्टर का दावा है कि यह स्कोर प्रणाली 90 फीसदी बच्चों में कारगर साबित हो रही है.
खून जांच की रिपोर्ट देखकर कंप्यूटर बताएगा कि बच्चे की बीमारी कितनी गम्भीर

लखनऊ: पीजीआई की डॉक्टर ने पेट की बिमारी की सटीक जानकारी का एक तरीका खोजा है. खून की रिपोर्ट पढ़कर कंप्यूटर बताएगा की बच्चे के लिवर की बीमारी कितनी गंभीर है. यह संभव हुआ पीजीआई की एक डॉक्टर द्वारा कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से विकसित की गई स्कोर प्रणाली से. अब महज 48 से 72 घंटे में पता चल जाएगा कि बच्चे में दवा कारगर होगी कि लीवर का प्रत्यारोपण कराना होगा. डॉक्टर का दावा है कि यह स्कोर प्रणाली 90 फीसदी बच्चों में कारगर साबित हो रही है. 

यह तकनीक पीजीआई के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोइंटोलॉजी विभाग की डॉ अंशु श्रीवास्तव ने एक शोध के जरिए विकसित की है. इस शोध पत्र को जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक गैस्ट्रोइंट्रॉलजी एंड न्यूट्रिशन एंड न्यूट्रिशन ने भी स्वीकार किया है बताया जा रहा है कि इसमें बच्चों का इलाज काफी आसान हो जाएगा.

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110 बच्चे शामिल हुए

डॉ अंशु श्रीवास्तव बताती हैं. कि ओपीडी में क्रॉनिकल लीवर बीमारी से पीड़ित 110 बच्चों को शोध में शामिल किया गया है. जिनकी उम्र 3 से 15 साल थी. जानकारी के अनुसार इन बच्चों में पीलिया पेट में दर्द सूजन और पेट में पानी भरने की समस्या खून की उल्टी की शिकायत थी.

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ऐसे किया गया शोध

डॉ अंशु श्रीवास्तव बताती हैं. कि लीवर की बीमारी की गंभीरता पहचानने के लिए उन्होंने कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से एक इसको प्रणाली तैयार की. जिससे शोध वाले बच्चों का लिवर फंक्शन टेस्ट एलएफटी समेत उनकी कुछ अन्य जांच के आंकड़े स्कूल प्रणाली में फीड कर गणना की गई. जिसके आधार पर या पता किया गया कि यह बीमारी दवा से ठीक हो सकती है. या प्रत्यारोपण करना होगा.

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90 प्रतिशत बच्चों में तकनीक कारगर

डॉ अंशु बताती हैं. कि लीवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित 90 फ़ीसदी बच्चों में यह स्कोर प्रणाली कारगर है. जिसकी मदद से उनकी मामूली जांच के अध्ययन से बीमारी की गंभीरता और सही उपचार का पता लगाना आसान हो गया है. कि इससे बच्चों के इलाज में काफी सहायता मिलेगी.

 

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