आगरा जाते समय प्रियंका गांधी ने बीच रास्ते में घायल युवती को दिया फर्स्ट एड

Ankul Kaushik, Last updated: Wed, 20th Oct 2021, 9:41 PM IST
  • आगरा में पुलिस हिरासत में मारे गए दलित के परिजन से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बीच रास्ते में एक घायल युवती को फर्स्ड एड दिया है. इसके साथ ही प्रियंका ने इस युवती की मरहम पट्टी करके इसे अस्पताल भिजवाया है.
प्रियंका गांधी ने घायल युवती को दिया फर्स्ट एड

लखनऊ. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे पर घायल युवती को फर्स्ट एड देकर उसकी मरहम पट्टी की है. कांग्रेस जब आगरा में पुलिस हिरासत में मारे गए दलित के परिजनों से मिलने जा रही थी तो उन्हें रास्तें में एक युवती के एक्सीडेंट की जानकारी हुई. इसके बाद प्रियंका उस युवती के पास गई और उसकी मरहम पट्टी करके अस्पताल भिजवाया. वहीं प्रियंका के इस फर्स्ट एड वाले वीडियो को कांग्रेस यूपी प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है. अजय कुमार लल्लू ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा- आगरा जाने के दौरान लखनऊ के 1090 चौराहे पर एक बच्ची की एक्सीडेंट की खबर मिलने के बाद महासचिव जी ने फ्लीट में मौजूद फर्स्ट एड किट मंगाई और खुद ही मरहम लगा पट्टी बांधी, अपना नंबर दिया और अस्पताल भिजवाया. हम कांग्रेस हैं सेवा ही हमारी विचारधारा है.

बता दें कि आगरा में एक थाने के मालखाने से चोरी के आरोपी दलित युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है. प्रियंका गांधी इस युवक के परिजनों से मिलने जा रही थी लेकिन पुलिस ने इन्हें लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर ही रोक लिया था लेकिन अब चार लोगों के साथ जाने की उन्हें अनुमति मिल गई है. अनुमति मिलने के बाद प्रियंका अजय कुमार लल्लू तथा वरिष्ठ पार्टी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम के साथ आगरा के लिए रवाना हो गई हैं.

आगरा पुलिस कस्टडी मौत: मृतक अरुण के परिजनों से मिलने जा रही प्रियंका को पुलिस ने रोका

यूपी पुलिस ने प्रियंका को जब रोका था तो प्रियंका ने कहा था कि अरुण वाल्मीकि की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई. उनका परिवार न्याय मांग रहा है. मैं परिवार से मिलने जाना चाहती हूं. उप्र सरकार को डर किस बात का है? क्यों मुझे रोका जा रहा है. आज भगवान वाल्मीकि जयंती है, पीएम ने महात्मा बुद्ध पर बड़ी बातें की, लेकिन उनके संदेशों पर हमला कर रहे हैं. किसी को पुलिस कस्टडी में पीट-पीटकर मार देना कहां का न्याय है? आगरा पुलिस कस्टडी में अरुण वाल्मीकि की मौत की घटना निंदनीय है. भगवान वाल्मीकि जयंती के दिन उप्र सरकार ने उनके संदेशों के खिलाफ काम किया है.

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