उत्तर प्रदेश में बीयर की खपत में इजाफा, मादक पदार्थों का सेवन भी पहले से ज्यादा

ABHINAV AZAD, Last updated: Thu, 9th Dec 2021, 8:18 AM IST
  • कोरोना काल के बाद उत्तर प्रदेश में देसी व अंग्रेजी शराब के मुकाबले बीयर की खपत में 74 फीसदी का इजाफा हुआ है. महज बीयर और शराब ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में अब अफीम, गांजा, चरस, हेरोइन, मारफीन के अलावा नशीले इंजेक्शन, टेबलेट, अफीम के अंश कोडीन से बने कफ सिरप की खपत भी तेजी से बढ़ रही है.
(प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ. कोरोना काल के बाद स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल खुल जाने से बीयर की खपत बढ़ रही है. आबकारी विभाग के अफसर कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में देसी व अंग्रेजी शराब के मुकाबले बीयर की खपत में 74 फीसदी का इजाफा हुआ है. दरअसल, पिछले साल मई से मार्च के बीच कुल 46 दिन शराब व बीयर की दुकानें बंद रही थीं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव करीब आने के वजह से भी देसी व अंग्रेजी शराब तथा बीयर की खपत बढ़ी है.

आंकड़े बताते हैं कि महज बीयर और शराब ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में अब अफीम, गांजा, चरस, हेरोइन, मारफीन के अलावा नशीले इंजेक्शन, टेबलेट, अफीम के अंश कोडीन से बने कफ सिरप की खपत भी तेजी से बढ़ रही है. जबकि इसके अलावा झारखंड से उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अवैध अफीम की तस्करी भी बढ़ती जा रही है. यह अवैध अफीम उत्तर प्रदेश की दवा निर्माता कंपनियों में खप रही है. ब्यूरो के अधिकारी खुद स्वीकार करते हैं कि फॉर्मा सेक्टर उनके रडार पर है.

UP में मुकेश सहनी खीचेंगे संजय निषाद की थाली, VIP पार्टी को नाव चुनाव चिह्न मिला

उत्तर प्रदेश में गांजा, चरस, अफीम जैसे परंपरागत नशे के अलावा अब नशीले इंजेक्शन, गोलिंया व सिरप आदि का चलन काफी बढ़ा है. खासतौर पर मेडिकल, इंजीनियर व मैनेजमेंट कॉलेजों के छात्रावासों में नशीले पदार्थों का सेवन काफी बढ़ गया है. अफीम के अंश कोडीन से बने कफ सिरप का न केवल सेवन कई गुना बढ़ा बल्कि ऐसे कफ सिरप की नेपाल, बांग्लादेश आदि देशों में तस्करी भी बढ़ी है. पिछले साल कोरोना के चरम के दौरान आवश्यक सेवाओं के वाहनों के कंट्रोल ब्यूरो ऑफ नॉरकोटिक्स ने झारखंड से लाई गई 24 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया था. बताते चलें कि आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कोरोना काल के बाद स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल खुल जाने से बीयर की खपत बढ़ रही है. देसी व अंग्रेजी शराब के मुकाबले बीयर की खपत में 74 फीसदी का इजाफा हुआ है. दरअसल, पिछले साल मई से मार्च के बीच कुल 46 दिन शराब व बीयर की दुकानें बंद रही थीं.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें