टेरर फंडिंग मामले में ATS को मिली अजीजुलहक की कस्टडी रिमांड, बैंक में आए 25 लाख

Smart News Team, Last updated: Thu, 5th Aug 2021, 10:17 AM IST
  • नकली दस्तावेजों के जरिए भारत में रह रहे म्यांमार के नागरिक रोहिग्यां अजीजुलहक को गुरुवार को यूपी एंटी टेररिज्म स्कवाइड (एटीएस) ने कोर्ट से सात दिनों की कस्टडी रिमांड हासिल कर ली है. एटीएस ने कहा कि उसे शुरुआती जांच-पड़ताल में उसके बैंक खातों में 25 लाख रुपये आने की जानकारी मिली है.
टेरर फंडिंग मामले में ATS को मिली अजीजुलहक की कस्टडी रिमांड, बैंक में आए 25 लाख, प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ. नकली दस्तावेजों के जरिए भारत में रह रहे म्यांमार के नागरिक रोहिग्यां अजीजुलहक को गुरुवार को यूपी एंटी टेररिज्म स्कवाइड (एटीएस) ने कोर्ट में पेश कर सात दिनों की कस्टडी रिमांड हासिल कर ली है. एटीएस अजीजुलहक के जरिए टेरर फंडिग का नेटवर्क तलाश रही है. 

शुक्रवार सुबह सात बजे से अजीजुलहक की रिमांड शुरू हो जाएगी. एटीएस ने कहा कि उसे शुरुआती जांच-पड़ताल में उसके बैंक खातों में 25 लाख रुपये आने की जानकारी मिली है. एटीएस को जांच में पता लगा कि अजीजुलहक के जीजा नूर आलम की मुख्य भूमिका है. वह अभी तक फरार है. इसको खोजने के लिए एटीएस की एक टीम मुंबई गई है. एक टीम हैदराबाद भी भेजी जा रही है. 

गुरुवार को अजीजुलहक को एटीएस की विशेष अदालत में पेश किया था. जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील कुमार द्वितीय ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए शुक्रवार से सात दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड की मंजूरी दी. शुरुआती पूछताछ में पता चला कि वह करीब तीन साल तक मुंबई में रहा है. 

अजीजुलहक के बैंक अकाउंट में भी मुंबई से पैसे भी भेजे गए है. इसी के आधार पर एटीएस की एक टीम मुंबई भेजी गई है.  बैंक खातों में अन्य राज्यों और विदेशों से आए पैसे के स्त्रोत की भी जानकारी जमा करने की कोशिश की जा रही है. छापों में मिली जानकारी के आधार पर भी आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उन सभी को भी खोजा जा रहा जिसने कि फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद की है. अजीजुलहक की गिरफ्तारी के बाद से एटीएस ने संत कबीरनगर और अन्य जिलों में छापेमारी की है.

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