कोर्ट का बड़ा फैसला, पति को हर माह 2,000 रुपए गुजारा भत्ता देगी पत्नी

Smart News Team, Last updated: Sat, 24th Oct 2020, 11:33 AM IST
  • मुजफ्फरनगर फैमिली कोर्ट ने पेंशन ले रही एक महिला को अपने पति को मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है. महिला के पति ने इस संबंध में 2013 में याचिका दायर की थी.
कोर्ट की प्रतीकात्मक तस्वीर

मुजफ्फरनगर: फैमिली कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए दस साल से अलग रह रही पेंशन पाने वाली पत्नी को चाय बेचने वाले पति को गुजारा भत्ते के रूप में दो हजार रुपये हर महीने देने के आदेश जारी किए है. हालांकि पति कोर्ट के इस फैसले से खुश नहीं है. उसका कहना है कि पेंशन का एक तिहाई तो मिलना ही चाहिए था. पति ने हिंदू विवाह कानून 1955 के तहत अपनी पत्नी से गुजारा भत्ते के लिए 2013 में एक याचिका दाखिल की थी.

जानकारी के अनुसार खतौली निवासी किशोरी लाल सोहंकार की तीस साल पहले कानपुर निवासी मुन्नी देवी के साथ शादी हुई थी. करीब 10 साल पूर्व दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. जिसके के बाद से ही दोनों अलग-अलग रहने लगे थे. जब विवाद हुआ था उस दौरान मुन्नी देवी कानपुर में भारतीय सेना में चतुर्थ श्रेणी की कर्मचारी थीं. पती से अलग रहने के कुछ सालों बाद मुन्नी देवी रिटायर हो गईं.

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रिटायर के बाद मुन्नी देवी को 12 हजार रुपये पेंशन मिलने लगी. उधर अलग रह रहे पति किशोरी लाल ने अपनी गुजर बसर करने के लिए एक चाय की छोटी सी दुकान खोल ली. 7 साल पहले किशोरी लाल ने फैमली कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी, जिसमे उसने अपनी पत्नी पर गुजारा भत्ता देने की बात कही. वहीं, अब कोर्ट किशोरी लाल के हक में फैसला सुनाते हुए मुन्नी देवी को अपने पति के गुजारे भत्ते के लिए 2,000 रुपये हर महीने दिए जाने के आदेश जारी कर दिए.

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किशोरी लाल का कहना है कि कई सालों के बाद कोर्ट का फैसला आया है लोगों से कर्जा लेकर केस लड़ा है. पत्नी की पेंशन 12 हजार रुपये है, पेंशन के हिसाब से चौथा हिस्सा गुजारा भत्ते के रूप मे मिलना चाहिए था. कोर्ट ने जो आदेश दिया है उससे मेरा गुजारा नहीं होगा.

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