लखनऊ: नेपाली लड़की के साथ रेप, डर के रिपोर्ट लिखवाने पहुंची नागपुर

Smart News Team, Last updated: 06/10/2020 03:14 PM IST
नेपाल की एक लड़की ने लखनऊ के चिनहट के होटल में उसके साथ रेप किए जाने का आरोप लगाया है. दुष्कर्म नशीला पदार्थ खिलाकर किया गया है. आरोपी के धमकाने के बाद वह नागपुर में अपने दोस्त के घर चली गई. इस दोस्त ने नागपुर थाने में रेप की एफआईआर दर्ज करा दी है.सोमवार को नागपुर पुलिस की टीम चिनहट पहुंची
लखनऊ: नेपाली लड़की के साथ रेप, डर के रिपोर्ट लिखवाने पहुंची नागपुर,प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ. नेपाल की एक लड़की ने लखनऊ के चिनहट के होटल में उसके साथ रेप किए जाने का आरोप लगाया है. पीड़िता ने कहा कि उसके साथ दुष्कर्म नशीला पदार्थ खिलाकर किया गया है. आरोपी के धमकाने के बाद वह नागपुर में अपने दोस्त के घर चली गई. इस दोस्त ने नागपुर थाने में रेप की एफआईआर दर्ज करा दी है. लड़की को नागपुर पुलिस की एक टीम के साथ चिनहट भेज दिया गया है.

पीड़िता ने जिस होटल का नाम बता रही हैं, वैसे नाम का होटल चिनहट में नहीं मिला है. इसको देखते हुए मंगलवार को चिनहट पुलिस इस एफआईआर को अपने यहां ट्रांसफर करने को‌ लेकर अफसरों से राय लेगी. चिनहट इंस्पेक्टर धनंजय पाण्डेय ने कहा कि एफआईआर के ट्रांसफर को लेकर  मंगलवार को डीसीपी से बात की जायेगी।

हाथरस गैंगरेप केस UP से दिल्ली ट्रांसफर करने की याचिका पर SC में सुनवाई आज

नागपुर की कोराठी पुलिस के अनुसार उनके यहां एफआईआर शून्य अपराध संख्या पर दर्ज की गई है. पीड़िता ने बताया कि वो साल 2018 में भारत आई थी. इसी साल यानी की 2020 मार्च से वह अपने फैजाबाद में एक दोस्त के मकान पर किराए पर रहती थी. इसी दोस्त ने उसकी जान-पहचान प्रवीण राजपाल यादव ने कराई थी. यह दुबई में साॅफ्टवेयर इंजीनियर है जो कि लखनऊ का ही रहने वाला है. पीड़िता का आरोप है कि इस दोस्त ने मुझसे डेढ़ लाख रुपये लिए थे. इसी साल सितंबर में पैसे वापस मांगने पर उसे धमकाया जाने लगा. इसको देखते हुए मैंने प्रवीण से मदद मांगी लेकिन उसने धोखा देते हुए होटल में नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया.

निर्भया के दोषियों की पैरवी करने वाले एपी सिंह लड़ेंगे हाथरस के आरोपियों का केस

लड़की ने यह भी कहा आरोपी प्रवीन धमकाते हुए कहा था कि अगर पुलिस को बताया तो तेरी वीडियो वायरल कर दूंगा. इसी डर के कारण मैंने चिनहट थाने में एफआईआर दर्ज नहीं करवाई थी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें