लखनऊ विश्वविद्यालय में शोध के लिए प्रोफेसर चेयर होगी स्थापित, रक्षा मंत्रालय देगा 2 करोड़ रुपये का फंड

Ankul Kaushik, Last updated: Mon, 13th Sep 2021, 9:46 AM IST
  • लखनऊ विश्वविद्यालय में पहली बार शोध के लिए प्रोफेसर के लिए चेयर स्थापित होगी. इसके लिए देश का रक्षा मंत्रालय दो करोड़ रुपये का फंड दे रहा है. वहीं अब नेशनल सिक्युरिटी के चैलेंज पर शोध करने के लिए एक प्रोफेसर की भी नियुक्ति की जाएगी.
लखनऊ विश्वविद्यालय को रक्षा मंत्रालय देगा 2 करोड़ रुपये का फंड (फाइल फोटो)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय में पहली बार शोध के लिए प्रोफेसर के लिए चेयर स्थापित की जाएगी. इसके लिए देश का रक्षा मंत्रालय जल्द ही लखनऊ विश्वविद्यालय को 2 करोड़ रुपये का फंड भी देगा. रक्षा मंत्रालय ने लखनऊ विश्वविद्यालय से शोध के प्रोफेसर चेयर के लिए प्रस्ताव मांगा था जिसे लखनऊ विश्वविद्यालय ने भेज दिया है. इस प्रस्ताव के आने के बाद जल्द ही लखनऊ विश्वविद्यालय को रक्षा मंत्रालय की तरफ से दो करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा. लखनऊ विश्वविद्याल में स्थापित होने वाली प्रोफेसर चेयर में नेशनल सिक्युरिटी के चैलेंज पर शोध किए जाएंगे. वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर चेयर स्थापित होने पर कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि यह बहुत बड़ी उपलब्धि है और लखनऊ विश्वविद्यालय के 101 साल के इतिहास में पहली बार प्रोफेसर चेयर मिलने जा रही है.

इसके आगे कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की तरफ से दो करोड़ रुपये का फंड मिल रहा है. इसकी मदद से नेशनल सिक्युरिटी के चैलेंज पर शोध करने के लिए एक प्रोफेसर की नियुक्ति की जाएगी. विश्वविद्यालय के डिफेंस स्टडी विभाग से यह शोध चेयर संचालित होगी. इसके साथ ही इस चेयर के जरिए ही देश में नेशनल सिक्युरिटी के लिए बढ़ रहे सायबर अटैक से निपटने के सुझाव पर भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इस रिपोर्ट को एक साल बाद रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा.

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वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय में शहर के करीब 1500 आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी शोध किया जाएगा. आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाले इस शोध को लखनऊ विश्वविद्यालय में स्थापित महिला विकास केंद्र करेगा. महिला विकास केंद्र आंगनबाड़ी केंद्रों पर शोध के लिए महाविद्यालयों के साथ मिलकर काम करेगा. वहीं इस पर निगरानी भी रहेगी कि योजना में लाभ मिल रहा है या नहीं और केंद्रो पर दी जाने वाली सुविधायों की क्या स्थिति है.

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