DU में कट ऑफ नहीं, प्रवेश परीक्षा से होगा एडमिशन, फायदे में रहेंगे बिहार-यूपी बोर्ड के छात्र

Somya Sri, Last updated: Sat, 18th Dec 2021, 9:07 AM IST
  • दिल्ली विश्वविद्यालय में अंडर ग्रेजुएट कोर्स में कट ऑफ बेस्ड एडमिशन नहीं होगा. अगले सत्र से दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को एंट्रेंस एग्जाम देना होगा. इस फैसले से बिहार, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना आसान हो जाएगा. क्योंकि बिहार बोर्ड, यूपी बोर्ड जैसे राज्य बोर्ड में नंबर उस तरह से नहीं आते जिस तरह से सीबीएसई में आते हैं.
DU में कट ऑफ नहीं, प्रवेश परीक्षा से होगा एडमिशन, फायदे में रहेंगे बिहार-यूपी बोर्ड के छात्र (फाइल फोटो)

लखनऊ. 12वीं पास करके कॉलेज में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए जरूरी सूचना है. दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रवेश प्रक्रिया अगले सेशन यानी 2022-23 से बदल गई है. अब दिल्ली विश्वविद्यालय में अंडर ग्रेजुएट कोर्स में कट ऑफ बेस्ड एडमिशन नहीं होगा. यानी अगले सत्र से दिल्ली यूनिवर्सिटी एडमिशन के लिए कोई कटऑफ लिस्ट जारी नहीं करेगा. वहीं अगले सत्र से दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को एंट्रेंस एग्जाम देना होगा. यानी देश के कई विश्वविद्यालयों की तर्ज पर दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी प्रवेश प्रक्रिया एंट्रेंस एग्जाम बेस्ड कर दिया है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस फैसले से बिहार और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में एडमिशन लेना आसान हो जाएगा. क्योंकि बिहार बोर्ड, यूपी बोर्ड जैसे राज्य बोर्ड में नंबर उस तरह से नहीं आते जिस तरह से सीबीएसई में आते हैं. वहीं इस मामले पर कुलपति प्रो योगेश सिंह ने कहा कि मौजूदा कट-ऑफ आधारित प्रवेश प्रणाली छात्रों को उन बोर्डों के छात्रों के लिए दाखिले में बाधा बनती है जहां अंकन सख्त होता है. उन्होंने कहा कि जिन बोर्डों के पास "लचीली" अंकन प्रणाली है, उन्हें मौजूदा प्रणाली में दूसरों पर एक फायदा है, जबकि सख्त बोर्डों के छात्र पीड़ित हैं. प्रो योगेश सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रवेश के आंकड़ों को देखने के लिए एक समिति का गठन किया है.

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हाल ही में एक मीडिया से बातचीत करने के दौरान कुलपति ने कहा था कि, "हमारे पास प्रवेश के लिए कई विकल्प हैं- एक मौजूदा प्रणाली के साथ जारी रखने के लिए, दूसरा विभिन्न बोर्डों के अंकों का सामान्यीकरण हो सकता है तीसरा प्रवेश परीक्षा हो सकता है और चौथा प्रवेश परीक्षा के लिए 50 प्रतिशत वेटेज और बोर्ड के अंक को 50 प्रतिशत वेटेज दे सकते हैं." हालांकि अब दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से साफ कर दिया गया है कि अगले सत्र से प्रवेश प्रक्रिया कट ऑफ बेस्ड न होकर एंट्रेंस एग्जाम बेस्ड होगा.

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क्यों लिया गया फैसला?

मालूम हो कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई कॉलेजों ने 10 से 11 अंडर ग्रैजुएट कोर्सेज में 100 प्रतिशत का टॉप की घोषणा की थी जिसके बाद कई छात्र मायूस हो गए थे. हिंदू, रामजस, हंसराज और खालसा सहित दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों में छात्रों का एडमिशन लेना सपना बन गया था जबकि उनके अंक 90 प्रतिशत से ज्यादा आये थे. कहा जा रहा है कि इसके बाद ही दिल्ली विश्वविद्यालय की गठित पैनल ने अगले सत्र से प्रवेश परीक्षा आधारित एडमिशन प्रोसेस शुरू करने का फैसला लिया है.

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