UP में डेंगू ने तोड़ा 8 साल का रिकॉर्ड, 25800 लोग संक्रमित, यह जिले हैं अधिक प्रभावित

Swati Gautam, Last updated: Tue, 16th Nov 2021, 9:13 AM IST
  • डेंगू का कहर यूपी में इस कदर फैल गया है कि इसने बीते आठ सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में 25 हजार 800 डेंगू केस मिल चुके हैं जो पिछले साल से आठ गुना अधिक है. सबसे ज्यादा 5700 मामले यूपी के फिरोजाबाद में मिले हैं, जबकि राजधानी लखनऊ दूसरे स्थान पर है.
UP में डेंगू ने तोड़ा 8 साल का रिकॉर्ड, 25800 लोग संक्रमित, यह जिले हैं अधिक प्रभावित. file photo

लखनऊ. कोरोना के कहर से लोगों को मुक्ति ही मिली थी कि एक और बीमारी से यूपी के लोग दहशत में है. डेंगू का कहर यूपी में इस कदर फैल गया है कि इसने बीते आठ सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में 25 हजार 800 डेंगू केस मिल चुके हैं जो पिछले साल से आठ गुना अधिक है. सबसे ज्यादा 5700 मामले यूपी के फिरोजाबाद में मिले हैं, जबकि राजधानी लखनऊ दूसरे स्थान पर है. ऐसे ही यूपी का प्रयागराज, बरेली, मेरठ, गाजियाबाद, वाराणसी और आगरा भी शामिल हैं. राहत की बात यह कि मरीजों की संख्या के मुकाबले मौतों का अकड़ा बेहद कम है. सरकारी रिकॉर्ड अनुसार पूरे प्रदेश ने केवल अभी तक 8 लोगों की मौत डेंगू से हुई है.

लखनऊ ने बढ़ता डेंगू का प्रकोप

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस साल लखनऊ में डेंगू के 1936 मरीज मिल चुके हैं, हालांकि अभी तक किसी की मौत नहीं हुई है. पिछले 10 दिनों से डेढ़ दर्जन के आस-पास ही रोजाना मरीज मिल रहे हैं. निजी अस्पतालों पर डेंगू के नाम पर बेवजह प्लेटलेट्स चढ़ाने और ज्यादा बिल वसूलने के भी आरोप लग रहे हैं. प्रयागराज में अब तक 926 डेंगू के मरीज जिले में मिल चुके हैं. शहर में बीमारी का प्रकोप अधिक है जिसके चलते 671 व ग्रामीण इलाकों में 255 मरीज सामने आए हैं. वहीं डेंगू ने इस साल बरेली में पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. जिले में इस सीजन में अबतक 517 मरीज मिल चुके हैं. इसमें से 9 की मौत हो चुकी है.

PM मोदी आज करेंगे पूर्वांचल एक्‍सप्रेस वे का उद्घाटन, जगुआर, सुखोई और मिराज दिखाएंगे करतब

सरकार और जिला प्रशासन डेंगू से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. प्रदेश में लगातार फॉगिंग, साफ-सफाई की जा रही है. वहीं अस्पतालों में डेंगू के लिए अलग से बेड रिजर्व किए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 25 हजार का आंकड़ा पिछले सात-आठ सालों में सर्वाधिक है. विभागीय अफसर बताते हैं कि मौसम की अनुकूलता, सॉलिड वेस्ट का ठीक ढंग से निस्तारण न होना डेंगू का सबसे बड़ा कारण है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इससे पहले वर्ष 2015-16 में करीब 15 हजार केस मिले थे लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस साल डेंगू ने अब तक का आंकड़ा तोड़ दिया है. यह 25 हजार का आंकड़ा पिछले सात-आठ सालों में सर्वाधिक है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार र्सिवलांस का काम काफी तेजी से किया जा रहा है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें