सीएम योगी को सौंपा जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट, इन मुद्दों को किया शामिल

Smart News Team, Last updated: Tue, 17th Aug 2021, 1:38 PM IST
  • यूपी विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने सोमवार को सीएम योगी को जनसंख्या कानून का ड्राफ्ट सौंप दिया है. इस ड्राफ्ट में कानून का पालन न करने वालों के लिए प्रतिबंध का जिक्र किया गया है और सरकार को इस कानून को प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी दिए गए हैं. 
यूपी विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने सोमवार को सीएम योगी को जनसंख्या कानून का ड्राफ्ट सौंप दिया है

लखनऊ. यूपी विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले सीएम योगी को जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट सौंप दिया. माना जा रहा है योगी सरकार जल्द ही इसे मंजूरी दे सकती है. इस ड्राफ्ट में सरकारी योजनाओं के लाभ, निकाय चुनाव लड़ने पर रोक समेत कई बिंदुओं को शामिल किया गया है. आयोग के अनुसार, 8500 से अधिक लोगों ने ड्राफ्ट पर अपने सुझाव भेजे थे, जिसमें करीब 99.5 प्रतिशत लोग कानून के पक्ष में हैं. वहीं, आज से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में जनसंख्या नियंत्रण कानून से संबंधित विधेयक को पेश किया जा सकता है.

निकाय चुनाव लड़ने और सरकारी नौकरी पाने पर रोक

यूपी विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने बताया कि इस ड्राफ्ट में उल्लेख किया गया है कि जिन परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो, वो 2 बच्चों तक सीमित रहें. जो लोग इस विधेयक का पालन नहीं करेंगे, उनके परिवार में केवल 4 लोगों तक का ही राशन मिलेगा. साथ ही दो बच्चों से अधिक होने पर निकाय चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे और सरकारी नौकरियों के आवेदन पर भी रोक लग जाएगी.

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इन पर लागू और इन पर लागू नहीं होगा प्रतिबंध

न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने बताया कि ये बिल लागू होने के बाद जिनके दो बच्चे से अधिक होंगे. इसके चलते ही उन्होंने ड्राफ्ट में सिफारिश की है कि यह विधेयक पारित होने के 1 साल बाद लागू होना चाहिए. ड्राफ्ट में कहा गया कि यदि किसी दंपति के दो बच्चे हैं और नौकरी लगने के बाद एक या दोनों बच्चो की मौत हो जाती है तो वह तीसरी संतान को जन्म दे सकते हैं. वहीं, किसी दंपत्ति के दो बच्चे हैं और दोनों दिव्यांग हैं तो वह तीसरे बच्चे को गोद ले सकते हैं, इसे कानून का उल्लंघन नहीं माना जाएगा.

जन्म और मृत्यु पंजीकरण को करें पूरे प्रदेश में अनिवार्य

आयोग ने सरकार को कानून को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिनमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूति केंद्र खोलने, गर्भनिरोधक और कंडोम की व्यवस्था, लोगों के बीच कानून के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के साथ पूरे प्रदेश में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण अनिवार्य करने का सुझाव दिया.

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आयोग को लोगों से मिले ये सुझाव

- कानून को न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि पूरे देश में लागू होना चाहिए.

- दो से अधिक बच्चों वाले एमएलए-एमपी को इलेक्शन से डिबार करना.

- दो से अधिक बच्चों वालों पर एक लाख रुपए का जुर्माना.

- कानून का पालन न करने वालों के वोटिंग राइट्स सीज कर देना.

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