लखनऊ: UP में कारोबार करना होगा आसान, 55 तरह के लाइसेंस खत्म करने की तैयारी

Smart News Team, Last updated: 16/09/2020 07:13 AM IST
  • यूपी में कारोबार शुरू करने में आसानी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर फिलहाल लगने वाले 43 लाइसेंस/अनापत्ति प्रमाण पत्रों की संख्या घटाकर लगभग 21 कर दी जाएगी.
UP में कोरोबार करना होगा आसान, 55 तरह के लाइसेंस खत्म करने की तैयारी

लखनऊ. यूपी में अब कारोबार और उद्योग शुरू करने और संचालन में ज्यादा लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी. ज्यादा फार्म भरने की औपचारिकताएं भी नहीं होंगी. अब कम आवेदन पत्र होंगे और वह भी ऑनलाइन. यह व्यवस्था जल्द ही पूरे उत्तर प्रदेश में लागू होने जा रही है. इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर फिलहाल लगने वाले 43 लाइसेंस/अनापत्ति प्रमाण पत्रों की संख्या घटाकर लगभग 21 कर दी जाएगी. इसमें पर्यावरण विभाग, श्रम विभाग और खाद्य एवं रसद (बाट एवं माप) विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग इसकी तैयारी में भी जुट गए हैं. दरअसल अब तक यूपी में कोई कारोबार शुरू करने के लिए 55 तरह के अलग-अलग लाइसेंस और एनओसी की जरूरत पड़ती है. वहीं तेलंगाना में यह सिर्फ 12 है और आन्ध्र प्रदेश में इसकी संख्या 58 है.

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अब सरकार एक ही आवेदन में सभी प्रमाण पत्र देने की तैयारी कर रही है. उदाहरण के लिए अभी श्रम विभाग में 10 तरह के लाइसेंस हैं. लेकिन नई व्यवस्था के जरिए इसे एक आवेदन फार्म में जारी करने की तैयारी है. वहीं अगर बायलर का रजिस्ट्रेशन, बायलर निर्माण, बायलर इरेक्टर के लिए अगल-अलग फार्म भरने पड़ते हैं. लेकिन नई व्यवस्था के अंदर ये एक हो जाएंगे. ठीक ऐसे ही भवन निर्माण या अन्य निर्माण के लिए श्रमिक एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होता है. अब तीनों को एक में करने पर विचार हो रहा है.

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 इसी प्रकार ऐलोपैथिक दवा बनाने के लिए लोन लेना हो तो अलग फार्म 25 ए भरना होता है. इसके रिपैकिंग लाइसेंस के लिए फार्म-25 बी है और वैक्सीन निर्माण के लिए फार्म-28 है. इसी तरह के चार और फार्म भरने पड़ते हैं. अब इन सबको को मिलाकर एक आवेदन को रिटेल ड्रग, होलसेल ड्रग मैन्यूफैक्चरिंग लाइसेंस के आवेदन में समाहित करने की तैयारी चल रही है.

इन्वेस्ट यूपी की सीईओ नीना शर्मा ने बताया कि सभी विभागों से कहा गया है कि वह अपनी सेवाओं और एनओसी संबंधित पपत्रों को आसान करें. अनावश्यक फार्म भरने की जरूरत खत्म करें. साथ ही एनओसी की प्रक्रिया को सरल करें और उसे ऑनलाइन उपलब्ध कराएं. इसे फिर निवेश मित्र पोर्टल से जोड़ दिया जाएगा. इससे कारोबारियों व आम लोगों को दफ्तरों में दौड़ भाग नहीं करना पड़ेगा.

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