नेताओं की पोल खोलेगा चुनाव आयोग का सी-विजल ऐप, 30 मिनट में होगी कार्रवाई

Sumit Rajak, Last updated: Wed, 12th Jan 2022, 8:16 AM IST
  • आम आदमी भी चुनाव में नेताओं की अनैतिक गतिविधियों, धांधली व चुनाव में धनबल बाहुबल के बेजा इस्तेमाल की पोल खोल सकते हैं. इसमें निर्वाचन आयोग का एक ऐप (सी विजल) मदद करेगा. आपको बस इस ऐप पर ऐसे गतिविधियों की रियल टाइम फोटो, वीडियो या ऑडियो अपलोड करना है. मात्र डेढ़ घंटे के भीतर आपको कार्रवाई भी होती दिख जाएगी .इसमें शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाती है.
फाइल फोटो

लखनऊ. आम आदमी भी चुनाव में नेताओं की अनैतिक गतिविधियों, धांधली व चुनाव में धनबल बाहुबल के बेजा इस्तेमाल की पोल खोल सकते हैं. इसमें निर्वाचन आयोग का एक ऐप (सी विजल) मदद करेगा. आपको बस इस ऐप पर ऐसे गतिविधियों की रियल टाइम फोटो, वीडियो या ऑडियो अपलोड करना है. मात्र डेढ़ घंटे के भीतर आपको कार्रवाई भी होती दिख जाएगी .इसमें शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाती है. चुनावी कदाचार को रोकने के लिए निर्वाचन आयोग ने सी-विजन ऐप को 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान लांच किया था. सि-विजिल के जरिए चुनावी खर्चे व आचार संहिता उल्लंघन की पोल खोली जा सकती है. बस आपको ऐप के माध्यम से आचार संहिता के उल्लंघन या किसी प्रत्याशी वह पार्टी द्वारा किए जा रहे हैं अंधाधुन चुनावी खर्च किसी तरह की धांधली प्रलोभन आदि की फोटो व वीडियो एप पर अपलोड करना होगा.

बता दें कि इस बार ऐप में कई बदलाव किए गए हैं. रियल टाइम फोटो व वीडियो अपलोड करने के साथ ही इस बार आप ऑडियो भी अपलोड कर सकते हैं.यानी की कहीं आप फोटो व वीडियो नहीं ले पा रहे हैं. तो मौके से ऑडियो भी रिकॉर्ड कर भेज सकते है, खास बात यह है कि पहले से खींची कई गैलरी में मौजूद फोटो न विडियो अपलोड नहीं होगा. फोटो व विडियो लेते समय जीपीएस व इंटरनेट खुला रखना होगा. दो-दो मिनट के वीडियो आसानी से भेज सकते हैं. जीपीएस से ऑटोमेटिक लोकेशन मैपिंग हो जाती है.

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कलेक्ट्रेट में स्थापित हुआ डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल सेंटर 

सी-विजिल के समन्वय के लिए कलेक्ट्रेट में डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है. एडीएम (टीजी) व सी विजिल के नोडल हिमांशु गुप्ता बताते हैं कि प्रत्येक विधान क्षेत्र में 33 एसएसटी (उड़नदस्ता दल) व एसएसटी (सर्विलांस टीम) का गठन किया गया है. कंट्रोल सेंटर व उड़नदस्ता तीन-तीन पालियों में 24 घंटे काम कर रहे हैं.

डेढ़ घंटे में निस्तारित होंगी ऐप की शिकायतें 

सी-विजिल पर फोटो वीडियो व ऑडियो अपलोड होते ही कंट्रोल सेंटर पर इसकी जानकारी हो जाती है. वहां से शिकायत को 5 मिनट में संबोधित विधानसभा क्षेत्र के नजदीकी उड़नदस्ता दल को भेज दिया जाता है. जीपीएस की मदद के 15 मिनट में मौके पर पहुंचेगी. 30 मिनट में कार्रवाई 50 मिनट में आरओ को निर्णय लेकर शिकायत का निस्तारण कराकर आयोग को बताना होगा.

 

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