चुनाव आयोग ने जारी की नई गाइडलाइन, रैली में शामिल हो सकेंगे एक हजार लोग

Ruchi Sharma, Last updated: Mon, 31st Jan 2022, 4:49 PM IST
  • चुनाव आयोग ने रैलियों पर लगी रोक नहीं हटाई है. हालांकि चुनाव प्रचार पर लगी रोक में कुछ ढिलाई की है. इसके अलावा चुनाव आयोग ने फैसला लिया है कि डोर टू डोर कैंपेन में पहले से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं.
चुनाव आयोग (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लखनऊ. आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने नई गाइडलाइन जारी की है. चुनाव आयोग ने रैलियों पर लगी रोक नहीं हटाई है. हालांकि चुनाव प्रचार पर लगी रोक में कुछ ढिलाई की है. इसके अलावा चुनाव आयोग ने फैसला लिया है कि डोर टू डोर कैंपेन में पहले से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं. बता दें कि बढ़ते हुए कोरोना के मामलों को देखते हुए चुनाव आयोग ने पहले 10 लोगों के शामिल होने की इजाजत दी थी वहीं अब 10 की जगह 20 लोगों को एक साथ जाने की इजाजत दी है. जबकि इनडोर बैठक में अब 300 की जगह 500 लोग शामिल हो सकते हैं.

जानकारी हो कि कोविड संकट की वजह से चुनाव आयोग ने 31 जनवरी तक जनसभाओं और रैलियों पर रोक लगाई थी. पहले यह रोक 15 जनवरी तक थी, फिर से 22 जनवरी तक बढ़ाया गया और फिर आगे 31 जनवरी तक कर दिया गया.

 

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नहीं मिली रोड शो, पद-यात्रा की अनुमति

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रचार के लिए आयोग ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए बताया कि 11 फरवरी, 2022 तक किसी भी रोड शो, पद-यात्रा, साइकिल/बाइक/वाहन रैलियों और जुलूसों की अनुमति नहीं दी जाएगी.

सभा में 1000 लोग हो सकते हैं शामिल

चुनाव आयोग ने फैसला लिया है कि अब 500 की जगह 1000 लोगों की सभा की जा सकती है. जबकि इसमें पहले 500 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई थी.

20 लोगों को डोर टू डोर अनुमति

इसके साथ ही आयोग ने घर-घर जाकर प्रचार करने की सीमा भी बढ़ा दी है. डोर टू डोर प्रचार करने के लिए अब 10 लोगों की जगह सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर 20 लोगों को अनुमति दी जाएगी. घर-घर जाकर अभियान चलाने के अन्य निर्देश जारी रहेंगे.

इनडोर बैठक में शामिल हो सकेंगे 500 लोग

चुनाव आयोग ने अब राजनीतिक दलों के लिए अधिकतम 500 व्यक्तियों या हॉल की क्षमता का 50% या एसडीएमए द्वारा निर्धारित निर्धारित सीमा की इनडोर बैठकों की अनुमति है.

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