अलॉटमेंट हुआ कैंसल तो भी मिलेगी आवास विकास में जमीन और मकान, ये नियम करेंगे मदद

Smart News Team, Last updated: Wed, 1st Sep 2021, 8:21 AM IST
  • विकास प्राधिकरण राज्य में जल्द ही पुर्नआवंटन व पुनर्बहाली नियमावली लाने जा रही है. इस नियमवली को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है. कैबिनेट मजूंरी के बाद इस योजना का फायदा उन लोगों को होगा जिनका आवंटन होने के बाद भी किसी कारण से अलॉटमेंट को रद्द कर दिया गया था.
आवंटन रद्द होने के बाद भी मिल जाएगा जमीन और मकान.( सांकेतिक फोटो )

शैलेंद्र श्रीवास्तव

लखनऊ. यदि आवास विकास में आपकों जमीन और मकान का आवंटन हो जाने के बाद भी अलॉटमेंट रद्द हो गया है. तो आपके लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के आवास विकास और विकास प्राधिकरण के आवंटियों को एक बड़ी राहत देने की योजना बना रही है. विकास प्राधिकरण की इस योजना के तहत आवंटन रद्द होने के बाद भी लोगों को मकान और जमीन देने की व्यवस्था करने जा रही है. आवास विकास ने इसके लिए 'पुर्नआवंटन व पुनर्बहाली नियमावली' को कैबिनेट से जल्द ही मंजूरी दिलाने जा रही है. नियमावली का प्रारुप विकास प्राधिकरणों को भेज दिया गया है. विकास प्राधिकरणों से इस नियमावली पर राय मांगी गई है.

विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद की योजना में जमीन, मकान, दुकान या संपत्ति लेने वालों को डिफॉल्टर होने पर उनका आवंटन रद्द कर दिया जाता है. कुछ मामलों में ऐसा देखा जाता है कि आवंटन रद्द होने वाले व्यक्ति को आवंटन बहाल कराने के नाम पर मोटा पैसा वसूल किया जाता है. कभी-कभी पैसे लेने के बाद जमीन या मकान का किसी दूसरे या आवंटन रद्द होने वाले व्यक्ति के किसी परिचित के नाम पर आवंटन को बहाल करा दिया जाता है. इस गडबड़ी को रोकने के लिए आवास विकास परिषद आवंटन में नई नियमावली लाने जा रहा है.

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कैबिनेट से जल्द ही पुर्नआवंटन व पुनर्बहाली नियमावली मंजूरी मिलने की उम्मीद है. जिसके बाद आवास विकास की नई नियमावली को लागू किया जा सकता है. नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद आवंटियों का राहत मिलेगी और साथ ही विकास प्राधिकरणों की आय में भी इजाफा होगा. यूपी में लगभग 40 हजार से अधिक लोगों ऐसे है जो डिफाल्टर की श्रेणी में आते हैं. और इन पर आवंटन निरस्त होने का खतरा मंडरा रहा है.

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