वन विभाग में फर्जी भर्ती के नाम पर करोड़ों की ठगी, STF ने 3 जालसाजों को किया अरेस्ट

Pallawi Kumari, Last updated: Sun, 5th Sep 2021, 8:13 AM IST
  • वन विभाग की फर्जी भर्ती निकाल कर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया. यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के हजरतगंज इलाके से तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है.
प्रतिकात्मक फोटो. साभार-हिन्दुस्तान टाइम्स

लखनऊ: बेरोजगारों से नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह की गिरफ्तारी में एसटीएफ को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. हाल ही में वन विभाग में नौकरी के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. दरअसल वन विभाग में वन दरोगा, वन रक्षक और वनपाल की फर्जी नियुक्ति कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले तीन जालसालों को एसटीएफ व हजरतगंज की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है. ये लोग वन विभाग की नियुक्ति का फर्जी विज्ञापन निकाल कर करोड़ों रुपये ठग लेते थे.

ऐसे सामने आया मामला- सीतापुर के राम गोपाल तिवारी से उनके बटे और रिश्तोदारों को नौकली दिलाने के नाम पर 36 लाख रुपये मांगे गए थे. लेकिन नौकरी को लेकर कोई जानाकरी जब नहीं मिली तो ठगी का एहसास होने पर पीड़ित हजरतगंज थाने में एफआइआर दर्ज कराया. इसके बाद एसटीएफ ने मामले की छानबीन की. इसके बाद एसटीएफ व हजरतगंज की संयुक्त टीम ने सीतापुर के शिवम मेहरोत्रा, बाराबंकी के आनंद कुमार और अंबेडकरनगर के परीक्षित पांडेय को गिरफ्तार किया.

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छानबीन में हुआ खुलासा- तीन जालसाजों की गिरफ्तारी के बाद छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि, आऱोपी शिवम मेहरोत्रा 2017 में पलिया रेंज वन विभाग आफिस में संविदा पर कंप्यूटर आपरेटर के पद पर काम करता था. उसी साल पलिया में फारेस्ट गार्ड की भर्ती हुई थी और उसके नियुक्ति पत्र जारी हुए थे.शिवम ने नियुक्ति पद की एक कॉपी अपने पास रख ली थी. एक साल बाद 2018 में शिवम को नौकरी से निकाल दिया गया.

इसके बाद वह कैसरबाग स्थित क्वीक मैनपावर कंसल्टेंसी के ऑफिस में नौकरी करने लगा, जहां उसकी मुलाकात अरबिदं यादव से हुई. शिवम ने अरबिंद को नियुक्ति पद की कॉपी के बारे में बताया. इसके बाद दोनों ने इस कॉपी के जरिए फर्जी भर्ती निकाल कर मोटी रकम कमाने का उपाय निकाला.

पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपितों के पास से वन विभाग में वन दारोगा, वन रक्षक और वनपाल के 56 फर्जी नियुक्ति पत्र, जाली पहचान पत्र, मुहर, मोनोग्राम लगे लिफाफे, फर्जी आदेशों की कॉपियां और परिचय पत्र समेत बड़ी मात्रा में दस्तावेज बरामद किए गए हैं. एसटीएफ का दावा है कि इस गिरोह ने 2018 से अब तक 40 से अधिक लोगों को निशाना बनाकर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर एक करोड़ रुपये से ज्यादा ठगी की है.

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