केंद्र ने नंवबर के लिए UP को दी लाखों मीट्रिक टन खाद, एक हफ्ते में खत्म होगा संकट

Indrajeet kumar, Last updated: Tue, 2nd Nov 2021, 9:02 AM IST
  • उत्तर प्रदेश में खाद की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने यूपी के लिए 6 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीएपी का आवंटन किए है. प्रदेश में ये डीएपी इसी हफ्ते मुहैया करा दी जाएगी. विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे को भुनाने नें लगी हैं और लगातार सरकार पर निशाना साध रही हैं.
खाद के लिए घंटों से लंबी लाइन में खड़े किसान

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में खाद की किल्लत अब दूर हो जाएगी. डीएपी की किल्लत को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में शिकायतें मिल रही थी. किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने यूपी के लिए 6 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीएपी का आवंटन किए है. प्रदेश में ये डीएपी इसी हफ्ते मुहैया करा दी जाएगी. इसके अलावा केंद्र सरकार देश के अन्य राज्यों को भी खाद और यूरिया का आवंटन करेगी. खाद की किल्लत यूपी में चुनावी मुद्दा बनता जा रह है. विपक्षी पार्टियां सरकार पर निशाना साधने में लगी है. देश के कई हिस्सो में रबी फसल की बुवाई शुरू हो चुकी है. रबी फसल की बुवाई का ये सिलसिला लगभग 15 से 20 दिसंबर तक चलेगा. ऐसे में डीएपी की कमी से किसानों में काफी हताशा है. 

खाद की कमी होने की बात जैसे ही प्रदेश में सुनाई देने लगी तो लोगों ने इसका स्टॉक करना शुरू कर दिया. खाद की किल्लत से सबसे ज्यादा प्रभावित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादन वाले क्षेत्र में हैं. इसके अलावा बुंदेलखंड की दलहन उत्पादन वाले क्षेत्र में भी खाद की किल्लत है. कालाबाजारी रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने हाल में ही उनकी जोत रकवा के हिसाब से खाद के आवंटन के निर्देश दिए हैं. साथ ही कालाबाजारी को रोकने के लिए अफसरों को लगातार चेकिंग करने को कहा गए है.

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प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए खाद भी चुनावी मुद्दा बन गया है. खाद की किल्लत को मुद्दा बनाकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधना शुरु कर दिया है. बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा नेता अखिलेश यादव ने खाद की कमी का मुद्दा उठाया है. इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष प्रियंका गांधी ने ललितपुर में उन किसानों के परिवार से मिलने गई थीं जिनकी मौत खाद के लिए लाइन में खड़े रहने वजह से हो गई थी. रालोद ने भी पश्चिमी यूपी में इसए चुनावी मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है. वहीं सरकार भी काफी सतर्क है. 

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