गिरधारी कथित एनकाउंटर में पुलिस आयुक्त समेत चार अफसरों के खिलाफ परिवाद दाखिल

Smart News Team, Last updated: Thu, 18th Feb 2021, 12:51 AM IST
  • परिवाद में विपक्षी पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्यायलय से दरख्वास्त की है कि उन्हें बतौर अभियुक्त तलब कर दंडित किया जाए. आरोप लगाते हुए परिवाद ने कहा है कि 14 व 15 फरवरी के रात को गिरधारी की पुलिस क्रूरता से हत्या की है. गिरधारी द्वारा पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए वहां अपनी जान को खतरा बताया था.
अजीत सिह मर्डर केस का मुख्य आरोपी गिरधारी 15 फरवरी को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था. प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ: अजीत सिंह हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डॉक्टर की बीती 14 और 15 की रात को कथित एनकाउंटर में मृत्यु की जांच में सुनवाई करते हुए लखनऊ जिला जज दिनेश कुमार शर्मा ने तृतीय ने दाखिल परिवाद को प्रकीर्णनवाद के रुप में दर्ज करने का आदेश दिया है. साथ ही पोषणीयता के बिंदु पर 20 फरवरी को सुनवाई की तारीख तय की है. इस मामले में पुलिस आयुक्त ध्रुवकांत ठाकुर, डीसीपी संजीव सुमन, एसीपी विभूतिखंड प्रवीण मालिक व इंस्पेक्टर चंद्रशेखर सिंह को विपक्षी पक्षकार बनाया गया है.

यह परिवाद अदालत के समक्ष गिरधारी के भाई विश्वकर्मा के ओर से प्रांशु अग्रवाल ने दाखिल किया है. परिवाद में विपक्षी पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्यायलय से दरख्वास्त की है कि उन्हें बतौर अभियुक्त तलब कर दंडित किया जाए. आरोप लगाते हुए परिवाद ने कहा है कि 14 व 15 फरवरी के रात को गिरधारी की पुलिस क्रूरता से हत्या की है. परिवाद ने तर्क देते हुए कहा है कि गिरधारी द्वारा पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए वहां अपनी जान को खतरा बताया था.

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 गिरधारी ने यह भी कहा था कि पुलिस उसकी हत्या भी कर सकती है. साथ ही परिवाद में पुलिस पर यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस अधिकारियों ने फर्द बरामदगी एवम विवेचना संबंधी दस्तावेज में भी कूटरचना की है. लेकिन पुलिस गिरधारी की हत्या करते समय यह भूल गए कि वह कानून की अभिरक्षा में था. वहीं सीजीएम सुशील कुमारी ने इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं.

 

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