गाड़ी 15 साल पुरानी हो गई तो खैर नहीं, सड़क पर निकलते ही देना पड़ेगा भारी जुर्माना

Smart News Team, Last updated: 14/09/2020 01:22 PM IST
  • उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 15 साल से पुरानी गाड़ियां बिना रजिस्ट्रेशन के सबसे ज्यादा चल रही हैं. ऐसी गाड़ियां लखनऊ में 5 लाख 32 हजार है जिससे कि प्रदूषण बढ़ रहा है और प्रदूषण लोगों को बीमार कर रहा है. इनपर आरटीओ अब जुर्माना लगाएगा.
गाड़ी 15 साल पुरानी हो गई तो खैर नहीं, सड़क पर निकलते ही देना पड़ेगा भारी जुर्माना

लखनऊ. राजधानी लखनऊ में 15 साल पुरानी गाड़ियां जो कि रजिस्टर्ड नहीं है उनकी संख्या लगभग 5 लाख 32 हजार है जो कि प्रदेश में सबसे ज्यादा है. यूपी में ऐसे वाहनों की संख्या 46 लाख से ज्यादा है. कहा जा रहा है कि इनमें से 50 फीसदी वाहन इस समय सड़कों पर चल रहे हैं. यह आंकड़ा 1 अगस्त 2020 तक का है. आरटीओ उन सभी से जो कि 15 साल पुरानी बाइक और कार बिना रजिस्ट्रेशन के सड़कों पर चला रहे उन सभी से पांच हजार रुपये जुर्माना लेगा. 

इन गाड़ियों की वजह शहर में प्रदूषण बढ़ रहा है. जिससे कि लोग बीमार हो रहे हैं. लखनऊ के बाद इस मामले में दूसरे नंबर पर जहां बिना रजिस्ट्रेशन के 15 साल पुराने वाहन चल रहे कानपुर और तीसरे पर वाराणसी है. इस वजह से प्रदूषण भी इन शहरों में बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर हो रहा हैं. एआरटीओ (प्रशासन) अंकिता शुक्ला ने कहा कि 15 साल पुरानी गाड़ी बिना रजिस्ट्रेशन के चलाना अपराध है. वाहनों के मालिक यह जानकर भी लापरवाही कर रहे हैं.

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अपना गाड़ी रजिस्टर्ड कराने के लिए वाहन मालिक उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करने के साथ ही उनको फीस भरनी होगी. उसका प्रिंट आउट निकालना होगा फिर उसके बाद उन्हें आरटीओ के दफ्तर जाना होगा. जहां कि उन्हें अपनी गाड़ी की जानकारी देनी है और इस दौरान वाहन का प्रमाण पत्र मिलेगा. जिनकी भी गाड़ी कबाड़ में, चलने लायक नहीं है और घर में खड़ी है उन्हें भी आरटीओ ऑफिस में प्रार्थना पत्र जमा करकर यह बताना होगा.

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