फर्जी RTPCR टेस्ट रिपोर्ट लेकर जेल में बंद देशद्रोह के आरोपियों से मिलने पहुंची 4 महिलाएं अरेस्ट

Uttam Kumar, Last updated: Mon, 27th Sep 2021, 12:17 PM IST
  • लखनऊ जिला जेल में देशद्रोह के आरोप में बंद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्य बंदी अंसदरबरुदीन और फिरोज से मिलने आई चार महिलाओं को कोरोना की फर्जी आरटीपीसीआर(RTPCR) रिपोर्ट दिखाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. जेल प्रशासन ने तीनों महिलाओं को गोसइगंज थाने को सुपुर्द कर कार्रवाई के लिए तहरीर दी है. 
जिला कारागार लखनऊ(फाइल फोटो)

लखनऊ. रविवार को जिला जेल में बंद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्य बंदी अंसदरबरुदीन और फिरोज से मिलने आई चार महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया. चारों महिलाओं पर कोरोना की फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाने का आरोप है. जेल प्रशासन ने तीनों महिलाओं को गोसइगंज थाने को सुपुर्द कर दिया है. जेलर अजय राय ने तीनों महिलाओं के खिलाफ गोसइगंज पुलिस को कार्रवाई के लिए तहरीर दी है. गोसइगंज पुलिस तीनों महिलाओं की आईडी और कोरोना रिपोर्ट को लेकर पूछताछ कर रही है. 

दरअसल एंटी टेरोरीज्म स्क्वाड(anti terrorism squad)ने कश्मीरी निवासी अंसदरबरुदीन और फिरोज को फरवरी में राजधानी लखनऊ से विस्फोटक समाग्री के साथ गिरफ्तार किया था. जिसके बाद दोनों को देशद्रोह और विस्फोटक अधिनियम के आरोप में जेल भेज दिया गया था. 23 सितंबर को दोनों को कोर्ट में फिजकली पेश किया जाना था. लेकिन पुलिस कमिश्नर ने 23 सितंबर को दोनों बंदियों को कोर्ट में फिजकली पेश कराए जाने पर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने के साथ अप्रिय घटना की आशंका जतायी थी. इसके चलते दोनों बंदी कोर्ट नहीं जा रहे थे.

CM योगी की गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी पर BKU नेता राकेश टिकैत बोले- किसानों के साथ मजाक 

रविवार सुबह चार महिलाएं दोनों आरोपियों से मिलने जेल पहुंची थी. जेलकर्मियों को जांच के दौरान कोरोना रिपोर्ट संदिग्ध लगने पर जेल वरिष्ठ अधीक्षक आशीष तिवारी को इसकी जानकारी दी. जेल वरिष्ठ अधीक्षक आशीष तिवारी ने जब संबंधित लैब से बात कर रिपोर्ट की पड़ताल करायी तो रिपोर्ट फर्जी निकला. जेल प्रशासन ने महिलाओं को गोसइगंज पुलिस को सुपुर्द कर दिया. महिलाएं बंदियों के परिवार की सदस्य बताई जा रही है. 

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें