रोजगार देने के नाम पर युवाओं से ठगी, 13 निजी कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट

Smart News Team, Last updated: 02/11/2020 04:23 PM IST
  • कंपनियों में बेरोजगार युवाओं को प्लेसमेंट के बाद काफी परेशान किया और जिसकी वजह से वो सभी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. ऐसी ही शिकायतें दो सौ से अधिक कार्यालयों को मिली है. अब इसी क्रम में 13 निजी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.
रोजगार और सेवायोजना कार्यालय ने 13 निजी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.

लखनऊ. धोखाधड़ी अभी तक निजी बैंकों में ही होता था ऐसा देखा गया था लेकिन अब प्रदेश में रोजगार मेले में आने वाले कंपनियां रोजगार के नाम पर ठगी कर रही है. इन कंपनियों में बेरोजगार युवाओं को प्लेसमेंट के बाद काफी परेशान किया और जिसकी वजह से वो सभी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. ऐसी ही शिकायतें दो सौ से अधिक कार्यालयों को मिली है. अब इसी क्रम में 13 निजी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. 

हिन्दुस्तान ने विभिन्न जनपदों से आई शिकायतों की पड़ताल कि तो पाया  ब्लैकलिस्ट की गई कंपनियों ने बेरोजगारों का चयन करते वक्त तय वेतन से कम भुगतान किया है. साथ ही निर्धारित समय से ज़्यादा काम लिया. इसके अलावा कंपनियों ने बेरोजगारों से वसूली भी की. इनमें से 11 कंपनियां अकेले कानपुर में ब्लैकलिस्ट हुई हैं. बांदा, बदायूं, आगरा, मथुरा समेत कुछ जिलों में भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं. 

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इस पूरे प्रकरण पर सेवायोजन, सहायक निदेशक, एसपी द्विवेदी ने बताया कि कुछ ने तनख्वाह ज्यादा बताई और कुछ ने नहीं दी है. कुछ पर बेरोजगारों से पैसे मांगने के आरोप लगे हैं. अब आगे इन कंपनियों को रोजगार मेले में दोबारा मौका नहीं मिलेगा. उन्होंने आगे यह भी बताया कि पीड़ित युवा शिकायत जिला/मंडल के सेवायोजन कार्यालय लखनऊ से करें. 

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रोजगार और सेवायोजना कार्यालय ने जिन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया है उनमें मेक ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज, एनबीटी कृर्षि मार्ट, बायोटेक इंटरप्राइजेज, भारत हैवी इंडस्ट्रीज, कॉस्मोस इंटरप्राइजेज, एक्यूप्रेशर हेल्थ केयर, शिवशक्ति बायो टेक्नोलॉजी लिमिटिड, टेक्निका इंटरप्राइजेज, कॉस्मोस इंटरप्राइजेज, मेगा माइंड सॉल्यूशन्स, अशिमा इंटरप्राइजेज शामिल हैं.

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