GST Council: कोरोना की दवाओं पर छूट, पेट्रोल-डीजल को लेकर हुआ यह फैसला

Nawab Ali, Last updated: Fri, 17th Sep 2021, 10:10 PM IST
  • वित्त मंत्रालय की 45वीं जीएसटी काउंसिल में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से वित्त मंत्री सीता रमण ने फिलहाल इनकार कर दिया है. निर्मला सीता रमण ने कहा है कि यह सही वक्त नहीं है पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का. इसके आलावा बैठक में कोरोना इलाज के संबंधित दवाओं को जीएसटी में छूट देने का फैसला लिया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फैसला जीएसटी के दायरे में नहीं आएंगे पेट्रोल-डीजल. (फाइल फोटो)

लखनऊ. देशभर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए लोग मांग कर रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंदर लाया जाये. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक हुई है जिसमे उम्मीद की जा रही थी कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की उम्मीद थी. लेकिन जीएसटी के दायरे में पेट्रोल-डीजल को लाने पर वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण ने कहा है कि यह सही समय नहीं है. जिससे लोगों को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती को लेकर बड़ा झटका लगा है.

देशभर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर मांग की जा आरही है कि दोनों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए. विपक्षी पार्टियां काफी समय से मांग कर रही हैं कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए ताकि बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाई जा सकें. लेकिन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इस बात से इंकार करती रही है. अब जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक में वित्त मत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने से इंकार कर दिया है लेकिन डीजल में मिलाने के लिए आपूर्ति की जाने वाली बायोडीजल पर जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है. तमाम विपक्षी पार्टियों के विरोध के बावजूद कई राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने का विरोध करती हैं.

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महाराष्ट्र और केरल सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का पुरजोर विरोध करती हैं. केरल के वित्त मंत्री के एन बालागोपाल ने कहा कि अगर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर कोई कदम उठाया जाता है, राज्य उसका पुरजोर विरोध करेगी. वहीं महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्री व उपमुख्यमंत्री इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि मौजूदा कर प्रणाली को उन राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता बनाए रखने के लिए नहीं बदला जाना चाहिए जो पहले से ही कोविड -19 महामारी के कारण वित्तीय संकट में हैं। उन्होंने मांग की है कि केंद्र को ईंधन पर लगाए गए अपने करों को कम करना चाहिए जिससे लोगों को कीमतों में बढ़ोतरी से राहत मिल सके.

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जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना इलाज से जुड़ी दवाओं में जीएसटी छूट दी है जो कि 31 दिसंबर 2021 तक रहेगी. साथ ही जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी घटाने का फैसला लिया गया है. ज़ोल्गेन्स्मा और विल्टेप्सो दवाओं पर जीएसटी छूट दी गई है ये दोनों बेहद जरूरी दवाएं हैं जिनकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपए है. इसलिए जीएसटी काउंसिल ने इन 2 दवाओं के लिए जीएसटी से छूट देने का फैसला किया है.

 

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