निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूलने पर HC का योगी सरकार से सवाल, CBSE- ICSE से भी मांगा जवाब

Smart News Team, Last updated: Thu, 1st Jul 2021, 3:12 PM IST
उत्तर प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने पर हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है. इस संबंध में कोर्ट ने सरकार, सीबीएसई और आईसीएसई से जवाब भी मांगा है. सभी को 5 जुलाई तक अपने जवाब देने होंगे. मामले की अगली सुनवाई 5 जुलाई को होगी.
मनमानी फीस वसूलने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार के साथ सीबीएसई और आईसीएसई से भी जवाब मांगा है.

लखनऊ. कोरोना काल में भी निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. वर्तमान में छात्रों को ऑनलाइन माध्यम में पढ़ाया जा रहा है. लेकिन कई राज्यों से निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने की बात सामने आई है. इस संबंध में मुरादाबाद के पेरंट्स ऑफ ऑल स्कूल एसोसिएशन की तरफ से इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की गई थी. इस मामले में सख्ती दिखाते हुए कोर्ट की तरफ से शैक्षिक बोर्ड और यूपी सरकार से जवाब मांगा गया है.

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि मनमानी फीस वसूलने पर अंकुश लगाने के लिए कौन से कदम उठाए जा रहे हैं. कोर्ट की तरफ से यूपी सरकार के अलावा सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड से भी जवाब मांगा गया है. गौरतलब है कि 5 दिन के अंदर इस संबंध में सभी को अपना जवाब देना होगा. मामले की अगली सुनवाई 5 जुलाई को रखी गई है.

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आपको बता दें कि सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी तरफ से आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है और कोई भी निजी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा अन्य कोई शुल्क नहीं ले सकता है. सरकार की इस दलील का याचिकाकर्ता की तरफ से खंडन किया गया और कहा गया कि निजी स्कूल किसी भी आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं और लगातार ज्यादा फीस वसूलने का काम कर रहे हैं.

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इस संबंध में याचिकाकर्ता की तरफ से जानकारी दी गई कि अभिभावकों को लगातार स्कूल द्वारा कई मैसेज आते हैं और ज्यादा फीस जमा करने का दवाब बनाया जाता है. इसके बाद कोर्ट ने मनमानी फीस वसूलने पर सरकार, CBSE और ICSE से जवाब मांगा है. सभी को 5 दिनों के अंदर अपना जवाब दाखिल करना होगा. इस मामले में 5 जुलाई को ही सुनवाई की जाएगी. कोर्ट के सख्त रवैये के बाद उम्मीद की जा रही है कि याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला आ सकता है.

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