BSP शासन के स्मारक घोटाले में पत्थर सप्लायर की याचिका को हाईकोर्ट ने किया खारिज

Smart News Team, Last updated: Tue, 6th Jul 2021, 7:47 AM IST
  • हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बसपा शासन काल में हुए स्मारक व पार्क घोटाले में पत्थर सप्लायर अंकुर अग्रवाल की एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. 
स्मारक घोटाला में पत्थर सप्लायर अंकुर अग्रवाल को हाईकोर्ट से राहत नहीं

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा प्रमुख मायावती ने अपने शासन काल में हुए स्मारक व पार्क बनवाए थे. जिसमें एक घोटाला पत्थरों को लेकर हुआ था. अब इस घोटाले को लेकर हाईकोर्ट ने पत्थर सप्लायर अंकुर अग्रवाल की एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि रिकॉर्ड को देखने से पता चलता है कि प्रथम दृष्टया मामले में विवेचना के पर्याप्त आधार हैं.

पत्थर स्पलायर अंकुर अग्रवाल को दिए गए इस आदेश को न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विकास कुंवर श्रीवास्तव की खंडपीठ ने याचिका पर दिया है. हाईकोर्ट को दी गई इस याचिका में कहा गया था कि लखनऊ व नोएडा में मेमोरियल व पार्क के निर्माण के लिए गुलाबी बलुई पत्थर के सप्लाई का ठेका उसे दिया गया था. 

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साल 2007 से 2011 के बीच पत्थरों की सप्लाई की गई और सब कुछ ठीक रहा. हालांकि प्रदेश में नई सरकार आने के बाद इन निर्माणों के सम्बंध में जांच लोकायुक्त को भेज दी गई. इसके बाद लोकायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2014 में गोमती नगर थाने में आईपीसी की धारा 409 व 120बी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) व 13(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई. कोर्ट ने याचिका देने के बाद दोनों पक्षों की बात सुनी और कहा यह सरकारी खजाने से 1410 करोड़ 50 लाख 63 हजार 200 रुपये के गबन का मामला है.

 

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