पशुपालन घोटाले में फंसे DIG की गिरफ्तारी पर हाइकोर्ट की रोक, सांठ-गांठ का है आरोप

Smart News Team, Last updated: 07/10/2020 09:51 PM IST
  • हाईकोर्ट ने पशुपालन फर्जीवाड़ें में फंसे डीआइजी अरविंद सेने की गिरफ्तार पर तीन सप्ताह की रोक लगा दी है. अरविंद सेन पर आरोपियों के साथ सांठ-गांठ और पीड़ित को धमकाने का आरोप है. 
हाईकोर्ट ने डीआइजी की गिरफ्तारी पर तीन सप्ताह की रोक लगा दी है.

लखनऊ. लखनऊ में बुधवार को हाईकोर्ट ने सस्पेंड डीआइजी की गिरफ्तार पर तीन सप्ताह के लिए रोक लगा दी है. पशुपालन विभाग में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले में नाम आने के बाद डीआइजी अरविंद सेन को सस्पेंड किया गया है. अरविंद सेन पर आरोप है कि वे आरोपियों के साथ सांठ-गांठ किए थे और पीड़ित को धमकाते थे.

इस घोटाले के संबंध में 13 जून को हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी. इसमें इंदौर के पीड़ित व्यापारी मंजीत भाटिया ने सीबीसीआईडी के एसपी के तौर पर उन पर धमकाने और आरोपियों के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद एसटीएफ को इस मामले के जांच की जिम्मेदारी दी गई थी.

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एसटीएफ की जांच के बाद डीआईजी पीएसी आगरा में तैनात अरविंद सेन और डीआईजी रुल्स एंड मैनुअल दिनेश चन्द्र दुबे को शासन से सस्पेंड करने की सिफारिश की गई थी. एसटीएफ ने शासन को पत्र में कहा था कि अरविन्द सेन ने पशुपालन फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी आशीष राय और एके राजीव के कहने पर सिपाही दिलबहार यादव से पीड़ित मंजीत को सीबीसीआईडी के दफ्तर में बुलाकर धमकाया था. तब अरविन्द सेन सीबीसीआईडी में एसपी थे. जांच के दौरान ही अन्य ठेकों में दिनेश चन्द्र दुबे के शामिल होने के बारे में पता चला. 

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जिसके बाद 24 अगस्त को सरकार ने दोनों को सस्पेंड कर दिया.  इसी दौरान एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव ने इस फर्जीवाड़े की जांच तेज करते हुए 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी. जिसमें से अब तक 12 लोग गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं.

 

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